जिनपिंग की Hongqi, पुतिन की Aurus: दुनिया की दो सबसे सेफ कार, सिक्योरिटी ऐसी कि जानकर चौंक जाएंगे; असली कैपिसिटी आज भी एक रहस्य
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तस्वीर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की Aurus Senat की है।
नेशनल डेस्क। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब BRICS समिट के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं, तो उनके साथ सिर्फ बड़े अधिकारियों का काफिला ही नहीं आया है। दोनों नेताओं की सुरक्षा में शामिल उनकी खास कारें भी आईं। ये आम लग्जरी कारें नहीं, बल्कि बेहद मजबूत सुरक्षा इंतजामों से लैस चलती-फिरती सिक्योरिटी कैप्सूल हैं।
पुतिन 11 सितंबर को भारत पहुंचे। उनके काफिले में रूस में बनी Aurus Senat शामिल है। वहीं, शी जिनपिंग 12 सितंबर को भारत पहुंचे। उनके लिए चीन की खास Hongqi N701 इस्तेमाल की जा रही है।
दोनों कारों में मोटी आर्मर प्लेटिंग, बुलेटप्रूफ ग्लास और सेफ कम्युनिकेशन सिस्टम जैसे इंतजाम हैं। हालांकि, इनकी सुरक्षा से जुड़ी कई अहम जानकारियां आज भी सीक्रेट रखी गई हैं।
पुतिन की Aurus Senat: गोलियों से लेकर धमाके तक से बचाने की कैपिसिटी
पुतिन ने 2018 में Aurus Senat को अपने ऑफिशियल वाहन के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति की आधिकारिक कार के तौर पर Mercedes-Benz S 600 Guard Pullman इस्तेमाल होती थी।
Aurus को रूस के Kortezh प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया था। इसका मकसद रूस के बड़े अधिकारियों के लिए देश में ही खास कारें तैयार करना था। राष्ट्रपति के लिए बनाई गई Aurus करीब 7 मीटर लंबी है और इसका वजन कई टन बताया जाता है। वजन का बड़ा हिस्सा इसके आर्मर और सेफ्टी इक्विपमेंट की वजह से है।
कार में 4.4 लीटर ट्विन-टर्बो V8 हाइब्रिड इंजन है, जो करीब 598 हॉर्सपावर की ताकत और 880 Nm टॉर्क देता है। इसमें 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और ऑल-व्हील ड्राइव दिया गया है।
Aurus Senat की सही सिक्योरिटी कैपेसिटी रूस ने सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका आर्मर हाई-कैलिबर और आर्मर-पियर्सिंग गोलियों से सुरक्षा देने में सक्षम है।
इसकी खिड़कियों में कई परतों वाला बेहद मोटा बुलेटप्रूफ ग्लास लगाया गया है। कार में रन-फ्लैट टायर हैं यानी टायर में नुकसान होने के बाद भी कार कुछ दूरी तक चल सकती है।

अगर केमिकल अटैक जैसी स्थिति बने तो कार के अंदर अलग ऑक्सीजन और एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम होने की बात कही जाती है। आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए फायर-सप्रेशन सिस्टम भी मौजूद है।
यानी जरूरत पड़ने पर पुतिन का यह वाहन सिर्फ उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाली कार नहीं, बल्कि कुछ समय के लिए सुरक्षित कमरा भी बन सकता है।
कार में लग्जरी की कमी नहीं
बाहर से यह कार सुरक्षा के लिए तैयार की गई है, लेकिन अंदर से इसमें किसी लग्जरी लिमोजिन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। पीछे की सीटों में हीटिंग, वेंटिलेशन और मसाज फंक्शन हैं। इसके अलावा डिजिटल स्क्रीन, काम करने के लिए टेबल, फ्रिज और प्राइवेसी के लिए अलग पार्टिशन दिया गया है।
सबसे खास बात यह है कि कार में सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम भी है। इसकी मदद से पुतिन सफर के दौरान अफसरों से कॉन्टैक्ट में रह सकते हैं।
एक आम Aurus Senat की कीमत करीब 18 मिलियन रूबल, यानी लगभग 2.5 करोड़ रुपए बताई जाती है। हालांकि राष्ट्रपति के लिए तैयार की गई कार में एक्स्ट्रा सिक्योरिटी सिस्टम होते हैं और यह आम खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इसकी कीमत का भी अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।

शी जिनपिंग की Hongqi N701: कार के बारे में चीन ने बहुत कुछ छिपाकर रखा
Hongqi का मतलब होता है 'लाल झंडा'। यह चीन का पुराना लग्जरी कार ब्रांड है, जिसे 1958 में First Automotive Works ने देश के पॉलिटिकल लीडरशिप के लिए शुरू किया था।
शुरुआती दौर में Hongqi की कारों का इस्तेमाल चीन के बड़े कम्युनिस्ट पार्टी नेताओं और दूसरे देशों से आने वाले खास मेहमानों के लिए किया जाता था।
आज Hongqi चीन के प्रीमियम कार ब्रांड के तौर पर जाना जाता है और शी जिनपिंग के हाई-सिक्योरिटी काफिले में N701 खास जगह रखती है।
लेकिन यहां एक दिलचस्प बात है- चीन ने N701 के बारे में बेहद कम आधिकारिक जानकारी दी है।

N701 की लंबाई 18 फीट से ज्यादा होने का अनुमान है और इसका वजन 3 टन से ज्यादा बताया जाता है। इसमें भारी आर्मर, बुलेटप्रूफ ग्लास और मजबूत बॉडी के साथ अलग लाइफ-सपोर्ट और सेफ कम्युनिकेशन सिस्टम होने की बात कही जाती है।
लेकिन Aurus के मुकाबले N701 की जानकारी और भी ज्यादा गोपनीय है। चीन ने अब तक इसके इंजन, पावर और असली बैलिस्टिक सिक्योरिटी लेवल की ऑफिशियल इन्फोर्मेशन सार्वजनिक नहीं की है।
आखिर इन कारों को इतना खास क्यों बनाया जाता है?
पुतिन की Aurus और जिनपिंग की Hongqi N701 का मकसद सिर्फ शाही अंदाज दिखाना नहीं है। इन कारों को इस तरह बनाया गया है कि राष्ट्रपति सड़क पर चलते हुए भी ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित रहें और जरूरत पड़ने पर अपने अफसरों से कॉन्टैक्ट बनाए रख सकें।
मजबूत आर्मर, बुलेटप्रूफ ग्लास, रन-फ्लैट टायर, सेफ कम्युनिकेशन और इमरजेंसी सिस्टम इन कारों की खासियत हैं। यहीं चीजें इन्हें आम लग्जरी कारों से बिल्कुल अलग बनाती हैं। हालांकि, दोनों देशों ने इन कारों की सुरक्षा से जुड़ी कई खास जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं। यही वजह है कि इनकी असली कैपिसिटी आज भी काफी हद तक रहस्य बनी हुई है।

