नेपाल में अब गांजे की खेती हो सकेगी: सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने में नियम बनाने को कहा, मेडिसिनल रिसर्च के लिए उगाने की मंजूरी मिलेगी
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नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दवा, रिसर्च और इंडस्ट्री के लिए गांजे की खेती के नियम 3 महीने में बनाने का आदेश दिया है।
इंटरनेशनल डेस्क। नेपाल में अब दवा, साइंटिफिक रिसर्च और इंडस्ट्री के लिए गांजे की खेती हो सकेगी। देश के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इसके लिए 3 महीने के अंदर नियम बनाने का आदेश दिया है। हालांकि, गांजे का इस्तेमाल नशे के लिए करना अभी भी गैरकानूनी रहेगा।
कोर्ट ने कहा कि 1976 के कानून में इस तरह की खेती और इस्तेमाल के लिए छूट दी गई थी, लेकिन सरकार अब तक इसे लागू करने के लिए नियम नहीं बना सकी।
पिछले हफ्ते पब्लिक हुआ 18 महीने पुराना ऑर्डर
यह फैसला 18 मई 2025 को सुनाया गया था। हालांकि, करीब 18 महीने तक इसकी जानकारी सामने नहीं आई। नेपाल में Gen Z के प्रोटेस्ट के दौरान कोर्ट के रिकॉर्ड नष्ट हो गए थे। इस वजह से फैसले का पूरा टेक्स्ट सामने आने में देरी हुई।
पिछले हफ्ते जब फैसला पब्लिक हुआ, तो गांजे की खेती को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने कानून में दिए गए प्रावधानों को लागू नहीं किया। यह उसकी कानूनी जिम्मेदारी में लापरवाही है।

नेपाल में गांजे की खेती-बिक्री और इस्तेमाल पर रोक
नेपाल में नारकोटिक ड्रग्स (कंट्रोल) एक्ट, 1976 के तहत गांजे की खेती, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक है। हालांकि, इस कानून में नियम बनाकर खेती और दवा के लिए गांजे के इस्तेमाल की छूट भी दी गई थी। लेकिन सरकार ने इस छूट को लागू करने के लिए जरूरी नियम नहीं बनाए।
गांजे को कानूनी मंजूरी दिलाने के लिए मुहिम चल रही
देश में गांजे को कानूनी मंजूरी देने की मुहिम चल रही है। इसकी अगुवाई कर रहे राजीव काफ्ले ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि गांजे पर पूरी तरह रोक लगाने के बजाय नियमों के तहत इसके इस्तेमाल की इजाजत देना बेहतर है। कई देशों में गांजे का कानूनी कारोबार शुरू होने से वहां की इकोनॉमी को फायदा हो रहा है।

कभी हिप्पी ट्रेल का ठिकाना हुआ करता था काठमांडू
1960 और 1970 के दशक में नेपाल की राजधानी काठमांडू का फ्रीक स्ट्रीट इलाका हिप्पी ट्रेल का बड़ा ठिकाना था। यहां पश्चिमी देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक आते थे। इनमें अमेरिका के वे लोग भी शामिल थे, जो वियतनाम जंग में सेना में भर्ती होने से बचने के लिए देश छोड़कर नेपाल आ गए थे।

लाइसेंसी दुकानों पर खुलेआम बिकता था गांजा-हशीश
1960-70 के दशक में नेपाल में सरकार के लाइसेंस वाली दुकानों पर गांजा और हशीश खुलेआम बिकते थे। बाद में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान तेज किया। इसके बाद नेपाल पर भी गांजे के कारोबार पर रोक लगाने का प्रेशर बढ़ा और नेपाल ने इन दुकानों को बंद कर दिया।

