PoK में सरकार विरोधी रैली से ISI मार्का हथियार मिले: JAAC नेता बोले- आंदोलन को रोकने का बहाना तलाश रही थी सिक्योरिटी फोर्सेज
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जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने पाकिस्तानी सेना और ISI पर रावलाकोट की रैली में गड़बड़ी फैलाने के आरोप लगाए हैं।
इंटरनेशनल डेस्क। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में स्थानीय लोगों और पाकिस्तानी सरकार के बीच टेंशन बढ़ गई है। रावलकोट में विरोध-प्रदर्शन और धरना जारी है। इसी बीच, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने पाकिस्तानी सेना और ISI पर रैली में गड़बड़ी फैलाने का आरोप लगाए हैं।
कश्मीरी के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल से हथियार बरामद हुआ है। इस पर हाथ से कुछ लिखा गया है और एक स्टिकर भी लगा है। उनका दावा है कि ये निशान हथियार के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से सीधे कनेक्शन की ओर इशारा करते हैं।
धरने में भाषण देते हुए उमर नजीर कश्मीरी ने कहा कि बरामद हथियार और उस पर लगे निशानों का वीडियो जल्द जारी किया जाएगा। उनका कहना है कि वीडियो सामने आने से सरकार की साजिश का खुलासा हो जाएगा।
सादे कपड़ों में आए थे तीन शूटर
कश्मीरी के मुताबिक, दो दिन पहले सादे कपड़ों में तीन हथियारबंद लोगों को रावलकोट धरना स्थल में भेजा गया था। उनकी प्लानिंग थी कि वे अचानक प्रदर्शनकारियों और सामने तैनात सिक्योरिटी फोर्सेज पर फायरिंग करें और फिर मौके से भाग जाएं।
कश्मीरी का आरोप है कि इसका मकसद दोनों तरफ भगदड़ और हिंसा फैलाना था। इससे पाकिस्तानी सिक्योरिटी फोर्सेज और एडमिनिस्ट्रेशन को शांतिपूर्ण धरने पर कार्रवाई करने का बहाना मिल जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को रोकने के लिए पाकिस्तानी एजेंसियां अब सिविलियन ड्रेस में हथियारबंद लोगों को इस्तेमाल कर रही हैं।
धरने के पास कचरा फेंककर उकसाने की कोशिश
JAAC नेता के मुताबिक, पिछले पांच दिनों से धरना स्थल पर लगातार टेंशन बढ़ाने की कोशिशें हो रही हैं। हथियारबंद सिक्योरिटी की मौजूदगी में कुछ लोग धरना कैंप के पास कचरा जमा कर रहे थे। यह इलाका कड़ाके की ठंड वाला आबादी वाला इलाका है।
उनका आरोप है कि इन हरकतों का मकसद प्रोटेस्टर्स और सिक्योरिटी फोर्सेज के बीच हाथापाई कराना था। साथ ही, शांतिपूर्ण ढंग से हो रहे प्रोटेस्ट में लोगों को भड़काने की साजिश रची जा रही थी।
डेड बॉडी कैंप में रखकर साइलेंट प्रोटेस्ट
सिक्योरिटी फोर्सेज की कार्रवाई में तीन युवक आदिल, आतिफ और एहतेशाम की मौत हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में नाराजगी है। उमर नजीर कश्मीरी ने कहा कि इन नौजवानों की कुर्बानी बेकार नहीं जाने दी जाएगी।
इस एक्शन के विरोध में फिलहाल मृत युवकों को दफनाने का फैसला टाल दिया है। उनके शव रावलकोट के धरना स्थल पर रखे गए हैं। कश्मीरी ने प्रोटेस्टर्स से अपील की है कि वे शवों के साथ मौन प्रदर्शन करें। उनका कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और इंसाफ नहीं मिलता, यह प्रोटेस्ट जारी रहेगा।

