पैराग्वे में Ueno Bank डूबा: 30 लाख लोगों की जमा रकम फंसी, देश भर में प्रोटेस्ट; प्रेसिडेंट सैंटियागो पेना का इस्तीफा
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पैराग्वे में Ueno Bank डूबने के बाद नाराज लोगों ने देश भर में कई जगहों पर बैंक की बिल्डिंग्स में तोड़फोड़ और आगजनी की।
इंटरनेशनल डेस्क। साउथ अमेरिकन देश पैराग्वे में डिजिटल बैंक Ueno डूब गया है। बैंक के करीब 30 लाख कस्टमर अपने खातों से पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। इनमें आम लोगों के साथ पेंशन पाने वाले और नौकरीपेशा लोग भी शामिल हैं। इसके बाद पूरे देश में प्रोटेस्ट शुरू हो गया। लोगों ने राजधानी असुनसियोन में बैंक की बिल्डिंग्स में तोड़फोड़ की।
संकट बढ़ने के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना ने 5 नवंबर को इस्तीफे का ऐलान कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद संसद के निचले सदन ने उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई संसद के ऊपरी सदन में होनी है।
बैंक ने कर्जों का पूरा रिकॉर्ड नहीं रखा था
पैराग्वे के सेंट्रल बैंक ने 3 नवंबर को Ueno Bank को अपने कंट्रोल में ले लिया था। जांच में बैंक की इकोनॉमिक कंडिशन कमजोर मिली थी। उसका कैपिटल तय कानूनी सीमा से काफी नीचे चला गया था।

सेंट्रल बैंक के मुताबिक, बैंक ने अपने मालिकों और उनसे जुड़ी कंपनियों को बड़े कर्ज दिए थे। इन कर्जों का पूरा रिकॉर्ड भी नहीं रखा गया था। जांच में कुछ खर्चों को संपत्ति के तौर पर दिखाने की बात भी सामने आई।
बैंक में सरकारी फंड भी जमा था
Ueno Bank पैराग्वे के तेजी से बढ़ते डिजिटल बैंकों में शामिल था। कुछ ही सालों में इसके कस्टमर्स की संख्या करीब 30 लाख हो गई थी। यह देश की एडल्ट आबादी के 60% से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सर्विस दे रहा था। बैंक के पास करीब 850 मिलियन डॉलर (8030.29 करोड़ रुपए) के सरकारी फंड भी जमा थे। इनमें सरकारी पेंशन और सोशल सिक्योरिटी से जुड़ी रकम शामिल थी।

राष्ट्रपति पर राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप
इस संकट के बाद राष्ट्रपति पेना पर भी सवाल उठने लगे। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि बैंक को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। पेना पहले Ueno से जुड़ी कंपनी ग्रुपो वैजक्यूज (Grupo Vazquez) में हिस्सेदार थे। उन्होंने मार्च 2025 में अपनी हिस्सेदारी बेचने की बात कही है।
नाराज लोगों ने राजधानी असुनसियोन में बैंक की बिल्डिंग में आग लगा दी।
प्रेसिडेंट का वीडियो जारी कर इस्तीफे का ऐलान
पेना ने 5 नवंबर को एक वीडियो जारी कर इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि देश की स्थिरता, सामाजिक शांति और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने के लिए यह फैसला लिया है। इसके बाद संसद के निचले सदन ने 78-0 से उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास कर दिया।

बैंक के कई बड़े अफसर हिरासत में
हालांकि, इस्तीफे को लेकर संसद में आगे की प्रक्रिया और महाभियोग की कार्रवाई जारी है। अभियोजन पक्ष ने पेना के खिलाफ जांच भी शुरू की है। बैंक से जुड़े अफसरों पर भी एक्शन लिया जा रहा है। बैंक के कई बड़े अफसरों को हिरासत में लिया गया है। बैंक से जुड़े 27 लोगों पर सरकारी और आम कस्टमर्स के पैसे की हेराफेरी के आरोप लगाए गए हैं।
यूएनो बैंक की वाइस प्रेसिडेंट डायना लेटिसिया मोंगेलोस गोंजालेज (Diana Leticia Mongelos Gonzalez) समेत कई अफसरों ने पुलिस अरेस्ट कर लिया है।
गारंटी फंड से लौटाए जाएंगे कस्टमर्स के पैसे
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बैंक में जमा लोगों का पैसा कब वापस मिलेगा। पैराग्वे सरकार ने कस्टमर्स को रकम लौटाने के लिए गारंटी फंड का इस्तेमाल शुरू किया है। सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था से करीब 97% ग्राहकों की पूरी जमा रकम वापस मिल सकती है।
पहले स्टेज में कम रकम वाले खातों से पेमेंट शुरू किया जा रहा है। इसके लिए नए कानून के तहत पांच वर्किंग डे में पेमेंट का प्रोसेस शुरू करने का ऐलान किया गया है। हालांकि, सभी कस्टमर्स को उनकी पूरी रकम कब तक मिलेगी, यह अभी साफ नहीं है।

