समंदर में जंग सीख रहे लश्कर आतंकी: कराची में ट्रेनिंग; कसाब समेत मुंबई हमले के सभी आतंकी इसी रास्ते भारत में घुसे थे
Published:
3 min read

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को कराची के पास पानी के अंदर लड़ने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इंटरनेशनल डेस्क। पाकिस्तान सरकार की सरपरस्ती में काम कर रहे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को कराची के पास पानी के अंदर लड़ने की ट्रेनिंग दी जा रही है। टूरिज्म की आड़ में आतंकियों को ट्रेंड किया जा रहा है। इन्हें स्कूबा डाइविंग के साथ ही कॉम्बैट स्वीमिंग की भी ट्रेनिंग दी जा रही है। यह सब कुछ कराची से करीब 50 किलोमीटर दूर चरना आइलैंड पर किया जा रहा है।
NDTV ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। चरना आइलैंड अपनी सुंदर कोस्टल एरिया के लिए मशहूर है। यह पाकिस्तान के एक पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन में भी शामिल है।
मंगला डैम में भी ऐसी ट्रेनिंग दी जाती रही है
इंटेलिजेंस एजेंसियों का दावा है कि ये आतंकी लश्कर के दावा मरीन विंग और सदा-ए-हुर्रियत यूनिट से जुड़े हुए हैं। लश्कर इससे पहले अपने आतंकियों को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मंगला डैम में भी ऐसी ट्रेनिंग देता रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत तबाह किए गए कुछ टेरर लॉन्चपैड्स पर बने स्वीमिंग पूल्स में भी ऐसी ट्रेनिंग दी जाती रही है।

आतंकियों को टूरिस्ट बताया जा रहा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रेनिंग के लिए पहुंचे वाले आतंकियों के ग्रुप को टूरिस्ट बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि ये सभी यहां पर कुछ समय बिताने के लिए आए हैं। इन्हें ट्रेनिंग देने वाले पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के मेंबर है। यह लश्कर का ही एक प्रॉक्सी ग्रुप है। इंटेलिजेंस एजेंसियों का दावा है कि लश्कर अपने आतंकियों को समुद्र में लड़ाई लड़ने के तौर तरीके सीखा रहा है।
2008 से एक्टिव है आतंकियों की यह यूनिट
बता दें कि मुंबई में 26/11 को हमला करने के लिए पहुंचे कसाब समेत दूसरे आतंकी भारत में समुद्र के रास्ते ही दाखिल हुए थे। आतंकी संगठन के पास 2008 से ही एक छोटा मैरीटाइम ग्रुप था। हालांकि, अब यह अपने आतंकियों को नए सिरे से ट्रेनिंग कर रहा है। इसका मकसद है कि आतंकियों को किसी भी समुद्री हमले के लिए तैयार करना है। इनके ट्रेंड होने पर इन्हें समुद्री रास्तों से भारत पर हमले के लिए भेजा जा सकता है।
इंडियन सिक्योरिटी एजेंसियां सतर्क
इंडियन सिक्योरिटी एजेंसियां को आतंकियों को मिल रही मरीन कॉम्बैट ट्रेनिंग की पूरी जानकारी है। एजेंसियां भी समुद्र के रास्ते आने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान के मुरीदके में लश्कर के हेडक्वार्टर समेत लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास स्थित 9 बड़े टेररिस्ट कैंप्स पर सटीक हमले किए थे।
गुरुवार की सुबह कांउटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने जम्मू-कश्मीर (CIK) में 6 जगहों पर छापेमारी की। यह एक्शन राज्य में लश्कर मॉड्यूल के एक्टिव होने की जानकारी मिलने के बाद लिया गया था। यह मॉड्यूल जम्मू-कश्मीर में युवाओं को सोशल मीडिया के जरिये आतंकी संगठन में भर्ती कर रहा था।

