पाकिस्तान में गैस क्राइसिस: एक सिलेंडर की कीमत 13,500 पाकिस्तानी रुपए तक पहुंची; लोग लकड़ी- कोयले पर खाना बनाने को मजबूर
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पाकिस्तान के रावलपिंडी में गैस की सप्लाई दिन में सिर्फ 6 घंटे मिल रही है। LPG सिलेंडर महंगा होने से परिवार लकड़ी और कोयले पर खाना बनाने को मजबूर हैं।
इंटरनेशनल डेस्क। पाकिस्तान में सर्दी शुरू होने से पहले ही गैस का संकट गहरा गया है। रावलपिंडी में लोगों को दिन में मुश्किल से 6 घंटे ही नेचुरल गैस मिल रही है। दूसरी ओर, LPG सिलेंडर की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में परिवार फिर से लकड़ी, कोयले और मिट्टी के तेल पर खाना बनाने लगे हैं।
कुछ लोग तो फर्नीचर की बेकार लकड़ी और बुरादे का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। The Express Tribune की रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई और गैस की कमी ने लोगों के लिए रसोई चलाना मुश्किल कर दिया है।
एक सिलेंडर की कीमत 13,500 PKR के पार
डोमेस्टिक LPG सिलेंडर की कीमत में भी बड़ा उछाल आया है। पहले जो सिलेंडर करीब 10 हजार पाकिस्तानी रुपए (3,440 भारतीय रुपए) में मिल रहा था, उसकी कीमत अब 13,500 पाकिस्तानी रुपए (4,644 भारतीय रुपए) तक पहुंच गई है। बता दें कि 1 पाकिस्तानी रुपए भारत के 34 पैसे के बराबर हैं।
सिलेंडर दोबारा भरवाने का खर्च भी बढ़ा
सिलेंडर दोबारा भरवाने का खर्च भी 3 हजार से बढ़कर 5 हजार पाकिस्तानी रुपए हो गया है। इंडियन करंसी में यह करीब 1,720 रुपए है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर भरवाने की कीमत करीब दोगुनी होकर 25 हजार पाकिस्तानी रुपए (8,600 भारतीय रुपए) हो गई है। इससे होटल और छोटे कारोबारों पर भी प्रेशर बढ़ सकता है।
लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़े
गैस महंगी होने के साथ लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं। रावलपिंडी में सूखी लकड़ी 1,500 से 1,800 पाकिस्तानी रुपए प्रति मन (करीब 40 किलो) बिक रही है। सामान्य लकड़ी की कीमत 1,300 से 1,400 रुपए प्रति मन है। वहीं, कोयला 800 से 1,000 रुपए प्रति मन मिल रहा है। लकड़ी का बुरादा भी करीब 700 रुपए प्रति मन बिक रहा है।
इसके बावजूद लोग इन्हें LPG के मुकाबले सस्ता विकल्प मानकर इस्तेमाल कर रहे हैं। फर्नीचर फैक्ट्री चलाने वाले मुहम्मद फैजान ने बताया कि लाई नाला के पास फेंकी जाने वाली लकड़ी अब लोग खाना बनाने के लिए उठा रहे हैं।
सरकारी कर्मचारी भी लकड़ी-कोयले के सहारे
TOI के मुताबिक, ऑल पाकिस्तान क्लर्क्स एसोसिएशन के डिविजनल अध्यक्ष शहजाद मंजूर कियानी ने कहा कि महंगाई और गैस की रेगुलर सप्लाई नहीं होने के कारण सरकारी कर्मचारी भी लकड़ी और कोयले पर लौट रहे हैं। कई परिवार हर महीने LPG पर 10 हजार से 12 हजार पाकिस्तानी रुपए खर्च कर रहे हैं।
LPG की ऑफिशियल रेट भी बढ़ाई गई
इस बीच पाकिस्तान के ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) ने नवंबर के लिए LPG की ऑफिशियल रेट भी बढ़ा दी है। एक टन LPG का दाम अक्टूबर में 2,79,341 रुपए था, जिसे बढ़ाकर 2,94,075 पाकिस्तानी रुपए कर दिया गया है।
इस बढ़ोतरी के बाद 11.8 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की ऑफिशियल कीमत 173 पाकिस्तानी रुपए बढ़कर 3,470 रुपए हो गई है। यानी ऑफिशियल रेट के हिसाब से एक किलो LPG करीब 294 रुपए की है।
हालांकि, खुले बाजार में यही गैस 630 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है। कुछ कंपनियों की फ्रेंचाइजी पर इसकी कीमत 400 रुपए प्रति किलो तक है। OGRA के मुताबिक, सऊदी अरामको की कॉन्ट्रैक्ट कीमत में 6.47% की बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है।
ईरान से सप्लाई रुकना भी एक वजह
LPG की कमी के पीछे ईरान से सप्लाई रुकना भी एक वजह बताई जा रही है। पाकिस्तान LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इरफान खोखर ने दावा किया कि देश की करीब 70% LPG ईरान से इम्पोर्ट होती है, जबकि बाकी 30% देश में तैयार होती है। ईरान बॉर्डर बंद होना मौजूदा संकट की बड़ी वजह है।
दूसरी ओर सरकार बाजार में हो रही मनमानी रोकने मे नाकाम है। दूसरी ओर, पाकिस्तान LPG मार्केटर्स एसोसिएशन ने वॉर्निंग दी है कि अगर सरकार ने नई पॉलिसी में प्राइवेट कंपनियों को नजरअंदाज किया, तो 16 नवंबर से कारोबार बंद कर दिया जाएगा।

