Form 6 पर राहुल गांधी के दावों पर EC का फैक्ट चेक: आरोपों को भ्रामक बताया
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चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी के दावों को भ्रामक बताया।
नेशनल डेस्क. बिहार में SIR के दौरान Form 6 में कथित बदलाव को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया है। आयोग ने राहुल गांधी के उन आरोपों को ‘भ्रामक’ बताया है, जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर Form 6 में कथित तौर पर एकतरफा और अवैध बदलाव करने का आरोप लगाया गया था।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (5 अक्टूबर) को CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान फॉर्म-6 में बदलावों की बात निकली। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि हमने संशोधित फॉर्म 6 को मंजूरी नहीं दी। यह बात स्पष्ट कर दें। जब रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, तो हम देखना चाहेंगे कि किसने संशोधन किया है।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोले राहुल गांधी
राहुल ने इस मसले पर लिखा कि यह अब पूरी तरफ साफ है कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 में गैरकानूनी और एकतरफा बदलाव किया। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी एक और ऐसा सबूत है जो बताती है कि CEC ने BJP को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुर्पयोग किया। राहुल ने यह भी कहा कि लोकतंत्र पर हुए इस हमले के लिए ज्ञानेश कुमार के साथ उन सभी लोगों की जवाबदेही तय होगी, जो इसमें शामिल रहे।

Form 6 पर राहुल को चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने जवाब में कहा कि बिहार में SIR शुरू करने का आदेश 24 जून 2025 को आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था। आयोग ने 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया और कहा कि अदालत ने SIR शुरू करने वाले इस आदेश को बरकरार रखा था।
आयोग ने अपने 26 सितंबर के प्रेस नोट के Point 1(iii) का हवाला देते हुए कहा कि SIR के लिए Form 6 के साथ जो घोषणा (Declaration) जोड़ी गई है, उसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी। हालांकि, आयोग के जवाब में राहुल गांधी के आरोप के उस खास पहलू पर सीधे स्पष्टीकरण नहीं दिया गया कि ऑनलाइन इस्तेमाल किए जा रहे Form 6 के मौजूदा संशोधन को आखिर किसने और किस प्रक्रिया के तहत लागू किया।

