दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग गिरी: मलबे में कई लोगों के दबे होने के दावे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
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दिल्ली के सीमापुरी में बुधवार दोपहर एक पुरानी 4 मंजिला रिहायशी बिल्डिंग अचानक गिर गई। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। दिल्ली में एक महीने के अंदर इमारत गिरने का एक और बड़ा मामला सामने आया है। बुधवार (7 अक्टूबर) दोपहर सीमापुरी इलाके में करीब 40-50 साल पुरानी चार मंजिला रिहायशी बिल्डिंग अचानक गिर गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को दोपहर करीब 3.30 बजे बिल्डिंग गिरने की इन्फोर्मेशन मिली। इसके बाद चार दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। पुलिस, MCD और प्रशासन की टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है।
घर के मालिक ने कहा- बेटी और दामाद भी फंसे थे
सलीम नाम के शख्स ने बताया कि वह उस बिल्डिंग का मालिक है और उसमें उसका परिवार रहता है। कुछ फ्लैट किराए से भी दिए हुए हैं। उसने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बेटी और दामाद भी मलबे में फंस गए थे। हालांकि, बाद में दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सलीम के मुताबिक, करीब 12 लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। आस-पड़ोस के लोग भी राहत और बचाव में मदद कर रहे हैं।
नीचे दुकान, ऊपर रहते थे परिवार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक दुकान थी और उसके ऊपर चार मंजिलों में परिवार रहते थे। इलाके के नगर निगम पार्षद पंकज लूथरा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें एक 40-50 साल पुरानी बिल्डिंग के गिरने की जानकारी मिली थी। उनके मुताबिक, 4-5 लोगों को अब तक मलबे से बाहर निकाला जा चुका है और मलबे को हटाने का काम जारी है।
एक महीने पहले सत्यानिकेतन में गई थी 7 लोगों की जान
सीमापुरी में यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब दिल्ली में करीब एक महीने पहले ही सत्यानिकेतन में एक PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। वहां मरम्मत का काम चल रहा था, इसी दौरान इमारत का हिस्सा गिर गया। हादसे में कई लोग घायल भी हुए थे।
इस घटना के बाद MCD ने दिल्ली में खतरनाक इमारतों, अवैध निर्माण और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज की थी। अब सीमापुरी में एक और पुरानी बिल्डिंग के गिरने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली में जर्जर और कमजोर इमारतों की पहचान और उन पर कार्रवाई ठीक से चर रही है या नहीं?
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