बिहार में अवैध शराब पकड़ने पहुंची थी पुलिस: बचने के लिए 50 गांववालों ने नदी में लगाई छलांग; 2 की डूबने से मौत
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पटना जिले के बेहरावां गांव में गिरफ्तारी के डर से लोग नदी में कूद गए। (फोटो- वीडियो से ली गई है)
नेशनल डेस्क. बिहार में अवैध शराब के खिलाफ एक्शन जारी है। इसी के तहत पटना के बेहरावां गांव में भी पुलिस अवैध शराब पकड़ने पहुंची। पुलिस टीम को देखकर करीब 50 आरोपियों ने नदी में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि इनमें से दो की डूबने से मौत हो गई। गांव के लोगों का दावा है कि अभी भी कुछ लोग लापता हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला पटना जिले के पिपरा पुलिस स्टेशन का है। दरअसल, यहां कुछ दिन पहले भी पुलिस अवैध शराब से जुड़े लोगों को पकड़ने पहुंची थी। पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर उन्हें छुड़ा लिया।
दूसरी बार 4 थानों की पुलिस पहुंची
इसके बाद पुलिस रविवार को तैयारी करके पहुंची। केस में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के लिए चार थानों की पुलिस पहुंची। हालांकि, पुलिस को देखकर आरोपी पुनपुन नदी में कूद गए। अगले दिन 2 शवों को बरामद किया गया है।
SDPO राघव दयाल ने बताया कि 1 अक्टूबर को पुलिस टीम पर हमला कर 5 शराब तस्करों को छुड़ा लिया गया था। इस दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। पुलिस ने रविवार को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया था। इस दौरान पुलिस दल पर फिर से हमला किया गया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
महिलाओं समेत 39 गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि महिलाओं समेत 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, 1000 लीटर से ज्यादा कच्ची शराब भी जब्त की गई है। शराब बनाने के लिए इस्तेमाल सामान को भी जब्त किया गया है। राघव दयाल ने बताया, करीब 61,00 लीटर महुआ नष्ट किया गया और एक आरोपी के घर से एक देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए आरोप
उधर, गांववालों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की कार्रवाई से गांव में दहशत फैल गई और डर की वजह से 50-60 लोगों ने पुनपुन नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पत्थर और ईंटें फेंकी गईं और पुलिस ने नदी में कूदे लोगों पर भी पत्थर फेंके, जिससे कुछ लोग नदी के दूसरे किनारे तक नहीं पहुंच पाए।
वहीं, पुलिस ने 5 अक्टूबर को दो लोगों की डूबने से मौत की पुष्टि की है। हालांकि, पुलिस ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि ये लोग कैसे डूबे। ग्रामीणों ने मृतकों के शव को सड़क पर रख कर जाम लगा दिया और विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

