CJP ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया: सुप्रीम कोर्ट ने FIR रद्द कीं; केंद्र ने कहा- सुसाइड करने वाले NEET स्टूडेंट्स के परिवारों को मुआवजा देंगे
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सुप्रीम कोर्ट ने 2873 अपराधिक रिकॉर्ड रखने वालों के खिलाफ नई FIR दर्ज करने की इजाजत दिल्ली पुलिस को दे दी है।
नेशनल डेस्क. कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में 5 सितंबर को होने वाले मार्च को वापस ले लिया है। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट में इसकी जानकारी दी। यह फैसला केंद्र सरकार के सुप्रीम कोर्ट को दिए गए उस आश्वासन के बाद लिया गया, जिसमें सरकार ने प्रदर्शनकारियों से किए गए वादों को पूरा करने की बात कही है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- सुसाइड करने वाले NEET स्टूडेंट्स के परिवारों को मुआवजा देंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी सभी FIR रद्द कर दी हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 2873 अपराधिक इतिहास वालों के खिलाफ नई FIR दर्ज करने की भी इजाजत भी दिल्ली पुलिस को दे दी है।
केंद्र ने नई FIR की इजाजत मांगी थी
दरअसल, केंद्र ने 2,873 लोगों के खिलाफ एक नई FIR दर्ज करने की इजाजत मांगी थी। पुलिस के अनुसार ये ऐसे लोग हैं, जिनके बारे में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा में गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि होने की जानकारी मिली है। नई FIR में इन लोगों की व्यक्तिगत भूमिका की जांच की जाएगी।
'अच्छे व्यवहार से समाधान निकलेगा'
केंद्र सरकार से आश्वासन मिलने के बाद CJP प्रवक्ता सौरव दास ने CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह बयान दिया। CJP के फैसले पर CJI ने कहा- अगर दोनों तरफ अच्छा व्यवहार होगा, तो हर समस्या का समाधान निकल जाएगा।
सोमवार को मार्च रोकने की याचिका हुई थी खारिज
सोमवार के मार्च को रोकने की मांग को लेकर याचिका लगाई गई थी। इसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। याचिका में कहा गया था कि देश की राजधानी के सेंसेटिव इलाकों में इस तरह के बड़े विरोध प्रदर्शन करने से पहले हर मामले में पुलिस की परमिशन ली जानी चाहिए। तर्क दिया गया कि दिल्ली में 12-13 सितंबर को BRICS समिट है। इससे पहले इस तरह का प्रोटेस्ट दुनिया में भारत के बारे में गलत मैसेज पहुंचाएगा।
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सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
CJP ने 24 अगस्त को कहा था- 5 सितंबर को CJP इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस हेडक्वाटर्स तक मार्च निकालेगी। उनका आरोप है कि सरकार ने 25 जुलाई के प्रदर्शन के बाद आश्वासन दिया था, उन्हें पूरा नहीं किया है। CJP की तरफ से कहा गया कि उस समय सरकार ने कई मांगों पर विचार करने के लिए आश्वासन दिया था। मुख्य तौर पर सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर FIR वापस लेने की बात कही थी।

