प्रोटेस्ट बिगाड़ने के लिए बाहर से लोग भेजे जा रहे: अभिजीत दीपके बोले- पुलिस ट्रकों से पत्थर ला रही, BJP के गुंडे इन्हें फेंक रहे, आरोप CJP पर लग रहे
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CJP के नेतृत्व में बीते एक महीने से जंतर-मंतर पर पेपर लीक समेत स्टूडेंट्स के तमाम मुद्दों पर प्रोटेस्ट चल रहा है।
नेशनल डेस्क। दिल्ली में NEET पेपर लीक और एजुकेशन सिस्टम से जुड़े मुद्दों पर चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार (23 जुलाई) को एक बड़ा आरोप लगाया। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रोटेस्ट को बदनाम करने और हिंसक बनाने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP के कार्यकर्ता पत्थरबाजी कर रहे हैं और इसका दोष प्रदर्शनकारियों पर लगाया जा रहा है।
दरअसल, CJP के 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस पर पत्थरबाजी हुई थी। इसमें 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद बीते दो दिनों में भी इस तरह की घटना हुई। यही वजह है कि अभिजीत दीपके ने इस मामले में सफाई दी है।

BJP और पुलिस मिलकर साजिश रच रही: दीपके
दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले एक महीने से आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे इसे समर्थन मिलने लगा, वैसे-वैसे माहौल खराब करने की कोशिश शुरू हो गई। उन्होंने कहा- अब जब आंदोलन बड़ा हो गया है, तब बाहर से गुंडे भेजे जा रहे हैं ताकि प्रदर्शन को हिंसक बनाया जा सके।
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस और BJP मिलकर प्रदर्शन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा- पुलिस यहां पत्थरों से भरे ट्रक लेकर आती है। फिर BJP के लोग पत्थर फेंकते हैं और बाद में CJP के लोगों को बदनाम किया जाता है।
CJP लीडर सौरव दास ने यह भी आरोप लगाया कि देश में पहले भी कई आंदोलनों में सत्ता पक्ष की ओर से असामाजिक तत्वों को भेजकर प्रदर्शन को हिंसक बनाने की कोशिश की गई, ताकि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बदनाम किया जा सके।

पुलिस अधिकारियों को कोर्ट ले जाएंगे: दीपके
दीपके ने प्रोटेस्ट के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज को बेहद क्रूर बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
दीपके ने यह भी कहा कि हमारी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, हम सोनम वांगचुक से लगातार अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि हम उनकी जान जोखिम में नहीं डालना चाहते।
इस मुद्दे पर सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही CJP की सबसे बड़ी मांग है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नॉन-नेगोशिएबल है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा, चाहे जितना समय लगे।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है
जंतर-मंतर पर गुरुवार को भी हजारों की संख्या में स्टूडेंट और युवा मौजूद हैं। बीती रात यहां फिर से पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच धक्का-मुक्की हुई। उधर, दिल्ली के टॉलस्टॉय मार्ग और जनपथ इलाके में भी छात्रों ने प्रदर्शन तेज कर दिया। प्रोटेस्टर्स ने BJP, RSS और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सड़क पर चल रही गाड़ियों और बसों को रोकने की कोशिश की। कुछ देर के लिए ट्रैफिक ब्लॉक भी किया गया। CJP साफ कर चुकी है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही प्रोटेस्ट खत्म किया जाएगा।
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