संसद के मकर द्वार पर NDA-INDIA आमने-सामने: पोस्टर छीना, नारेबाजी हुई, विपक्षी सांसदों ने पेपर चोर-गद्दी छोड़ के नारे लगाए; सत्ता पक्ष बोला- हंगामा मत करो, सदन में बात करो
Published:
4 min read

तस्वीर संसद परिसर के मकर गेट की है। एक ओर विपक्षी सांसद दिखाई दे रहे हैं, दूसरी ओर NDA सांसद खड़े हैं।
नेशनल डेस्क। संसद सत्र के दौरान गुरुवार (23 जुलाई) को संसद परिसर के मकर द्वार पर NDA और INDIA ब्लॉक के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्ष अलग-अलग मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच दोनों ओर से खूब नारेबाजी हुई, पोस्टर छिनने का भी वाकिया हुआ। माहौल बिगड़ता देख संसद की सुरक्षा में तैनात जवानों ने दोनों पक्षों के बीच मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें अलग किया।
INDIA ब्लॉक के सांसद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं NDA सांसदों का कहना था कि विपक्ष संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से बच रहा है और छात्रों के नाम पर राजनीति कर रहा है।
INDIA ब्लॉक ने शुरू की नारेबाजी
मकर गेट के ठीक बाहर सबसे पहले विपक्षी सांसद एकजुट हुए। इनके हाथ में पेपर लीक से लेकर CBSE एग्जाम में गड़बड़ी और स्टूडेंट्स के साथ हुई मारपीट की आलोचना करते पोस्टर थे। सांसदों ने खूब नारेबाजी की। किसी ने पेपर चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाए तो किसी ने छात्रों पर लाठी चलाना बंद करो की आवाज लगाई। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और पेपर चोरी बंद करो के नारे भी लगे। इस प्रोटेस्ट में कांग्रेस लीडर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सपा चीफ अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों के तमाम बड़े सांसद मौजूद रहें।
NDA ब्लॉक ने भी पोस्टर दिखाए
INDIA ब्लॉक की ओर से शुरू हुए इस प्रोटेस्ट के जवाब में NDA ब्लॉक भी आगे आया। NDA सांसद मकर गेट की सीढ़ियों पर पोस्टर लेकर खड़े नजर आए। इनमें विपक्षी पार्टियों पर चर्चा से भागने के आरोप थे। प्रदर्शन के दौरान CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कथित तौर पर BJP सांसद अरुण सिंह के हाथ से पोस्टर खींच लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने आ गए।

BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा कि पिछले तीन दिनों में सरकार की ओर से छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से बातचीत हुई है। सभी की राय थी कि पेपर लीक पर संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और ऐसा सख्त कानून बने जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद में चर्चा नहीं चाहती, बल्कि सिर्फ राजनीतिक माहौल बनाना चाहती है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्हें संसद में आकर जवाब देना होगा। रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी
दिल्ली के टॉल्स्टॉय मार्ग और जनपथ इलाके में छात्रों का प्रदर्शन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने BJP, RSS और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लेटकर और ट्रैफिक रोककर विरोध जताया। CJP ने साफ कर दिया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक प्रोटेस्ट जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें...

