अशुतोष दीक्षित नए वायुसेना चीफ बने: मिग से लेकर मिराज तक सभी फाइटर जेट उड़ाए, ऑपरेशन सिंदूर में खास रोल रहा
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एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली।
नेशनल डेस्क। भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिल गया है। एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने शनिवार (31 अक्टूबर) को वायुसेना प्रमुख का पद संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली है। एपी सिंह करीब 43 साल की सेवा के बाद रिटायर हुए।
अशुतोष दीक्षित ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें रणनीति बनाने और सैन्य योजनाओं पर काम करने का अच्छा अनुभव है। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वे वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ यानी वायुसेना के उप प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। करीब चार दशक के करियर में दीक्षित कई बड़े सैन्य अभियानों का हिस्सा रहे। वे फाइटर पायलट के साथ-साथ टेस्ट पायलट भी रहे हैं।
3,500 घंटे से ज्यादा विमान उड़ा चुके हैं दीक्षित
एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित को करीब 40 साल का सैन्य अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में अलग-अलग तरह के विमानों में 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है।
इसमें मिराज-2000, जगुआर, मिग सीरीज, तेजस, हॉक, किरण, AN-32 और IL-78 जैसे विमान शामिल हैं। वे क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं। यानी वे दूसरे पायलटों को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग भी दे सकते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर सफेद सागर तक का अनुभव
दीक्षित कई बड़े सैन्य अभियानों और इंटरनेशनल सैन्य अभ्यासों का हिस्सा रहे। इनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका बेहद अहम थी। इस अभियान के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।
फाइटर स्क्वाड्रन से लेकर एयर हेडक्वार्टर तक संभाली जिम्मेदारी
अशुतोष दीक्षित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल में इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें एक फाइटर स्क्वाड्रन की कमान सौंपी गई।
उन्होंने वेस्टर्न सेक्टर में एक फ्रंटलाइन फाइटर बेस और साउथ सेक्टर में एक फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली। इसके अलावा वे साउदर्न एयर कमांड के एयर डिफेंस कमांडर रहे।
एयर हेडक्वार्टर में भी उन्होंने कई बड़े पदों पर काम किया। इनमें असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स), असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्लान्स) और डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ जैसे पद शामिल हैं।
वायुसेना में नंबर-2 (डिप्टी चीफ) बनने से पहले वे हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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