चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट: 2018 के मारपीट केस में संपत्ति कुर्क करने का आदेश
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नागीना सांसद आखिरी बार कोर्ट की कार्यवाही में मई 2025 में शामिल हुए थे। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गाजियाबाद MP-MLA कोर्ट ने 2018 के मारपीट मामले में गैर-जमानती वारंट जारी किया। कोर्ट ने एक 8 साल पुराने मामले में उनकी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है।
उनके खिलाफ मारपीट का एक केस 2018 में साहिबाबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज है। यह आदेश तब आया है जब चंद्रशेखर आजाद कोर्ट की सुनवाई से गायब रहे। यह मामला साहिबाबाद में हुई एक शादी समारोह के दौरान मारपीट और दुर्व्यवहार से जुड़ा है। इस केस की सुनवाई गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट में चल रही है।
पहले भी जारी हुआ था अरेस्ट वारंट
शिकायतकर्ता के वकील ने बताया कि कोर्ट ने इससे पहले आजाद के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। इसके बाद भी वह कोर्ट की सुनवाई में शामिल नहीं हुए। वकील ने आजाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट और प्रॉपर्टी जब्त करने की मांग की थी।
2018 में हुई शादी में क्या हुआ था
शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, 2018 में वह साहिबाबाद के वृंदावन गार्डन में हो रही शादी समारोह में पहुंचा था, इस दौरान चंद्रशेखर आजाद भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। उनके हाथों में हथियार थे। आरोप है कि इस पर शिकायतकर्ता ने हथियारों को लेकर सवाल उठाए तब चंद्रशेखर आजाद और अन्य लोगों ने धर्मेंद्र के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी दी।
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आखिरी बार मई 2025 में पेश हुए थे
सुनवाई के दौरान, शिकायतकर्ता धर्मेंद्र के वकील भजनलाल गौतम ने कोर्ट को बताया कि आजाद के खिलाफ पहले भी गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है, लेकिन वह सुनवाई में लगातार गैर-हाजिर रहे हैं। आजाद इसी मामले के सिलसिले में मई 2025 में कोर्ट के सामने पेश हुए थे और उस समय उनके खिलाफ जारी वारंट को वापस लेने की मांग की थी। तब कोर्ट ने उनकी अर्जी पर विचार किया था।

