बिहार के 13 जिलों में बाढ़ का अलर्ट: 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर; NDRF-SDRF को डिप्लॉय करने के निर्देश
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नेपाल से पानी छोड़े जाने से बिहार की नदियों में पानी बढ़ गया है। जिससे बाढ़ के हालत बन गए हैं।
नेशनल डेस्क. बिहार में लगातार बारिश और नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद 13 जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए NDRF-SDRF को डिप्लॉय करने के निर्देश दिए हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जरूरी कदम उठाने तथा जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इन 13 जिलों में बाढ़ का खतरा
वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट (WRD) के अधिकारियों के अनुसार, गंगा, सोन, पुनपु, गंडक, बुरही गंडक, कोसी, बागमती और घाघरा नदी अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं। जिससे बिहार के 13 जिलों में हाई अलर्ट है। इनमें दरभंगा, मधुबनी, बेस्ट चंपारण, कटिहार, माधेपुर, पुर्णिया सहरसा, खगरिया, वैशाली, बेगुसराय, भागलपुर, समस्तीपुर और मुंगेर में बाढ़ का खतरा है।

सेंट्रल वॉटर कमीशन के अधिरकारियों के मुताबिक, गंगा पटना के गांधी घाट पर खतरे के निशान से 121 CM ऊपर बह रही है। इसलिए बाढ़ का खतरा राज्य की राजधानी पर भी है। समस्तीपुर में गंगा खतरे के निशान से 1.5 मीटर ऊपर बह रही है।
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NDRF- SDRF डिप्लॉय करने के निर्देश
वहीं सोन बैराज से 5.68 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। कोसी नदी पर बने बीरपुर बैराज से 2.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंडक नदी पर बने वाल्मीकीनगर बैराज से 1.47 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए NDRF और SDRF को डिप्लॉय करने के निर्देश दिए हैं।

