10 साल की सजा, 10 करोड़ रु तक जुर्माना: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास; अब राज्यसभा में पेश होगा
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एंटी पेपर लीक बिल पास होने के बाद सदन को गुरुवार तक स्थगित कर दिया गया।
नेशनल डेस्क. लोकसभा में बुधवार को पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल ध्वनिमत के साथ पास हो गया। बिल सोमवार को पेश किया गया था, इस पर मंगलवार और बुधवार को चर्चा हुई। अब इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
'प्रदर्शनकारियों पर गोली नहीं चलाई गई'
लोकसभा में विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि बार-बार यह साफ किया गया कि कोई गोली नहीं चलाई गई। आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। चूंकि कोई गोली नहीं चलाई गई इसलिए आदेश जारी करने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता है, मंत्री के पास नहीं।
क्यों लाया गया ये संशोधन बिल
दरअसल, मई में NEET पेपर लीक हुआ था। इसके बाद CJP ने जंतर-मंतर पर इस मुद्दे पर करीब 1 महीने से ज्यादा समय तक धरना प्रदर्शन किया। देखते ही देखते देश के अलग अलग हिस्सों में प्रदर्शन होने लगे। इसके बाद पीएम मोदी ने कई बड़े फैसले लिए। पीएम मोदी ने ऐलान किया था कि सरकार सख्त कानून बनाएगी। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा में सुधार के लिए 6 सदस्यों के एक टास्क फोर्स का भी ऐलान किया है।
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नए संशोधन में बिल में क्या-क्या
इस संशोधन में प्रावधान है कि पेपर लीक मामले में एजेंसियों को 2 महीने में जांच पूरी करनी होगी। इसके अलावा इसमें पेपर लीक में शामिल किसी दोषी की सजा को 3-5 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। इथना ही नहीं दोषी पर पहले 10 लाख का जुर्माना लगता था, अब इसे 50 लाख कर दिया गया है। अगर पेपर लीक में एक से ज्यादा लोग शामिल होंगे तो कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है और 10 करोड़ रुपए का जुर्माना भी वसूला जाएगा।
इतना ही नहीं पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। ये अदालतें चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर फैसला सुनाएंगी। यानी पेपर लीक के मामलों में 5 महीनों (2 महीने जांच, 3 महीने का ट्रायल) के अंदर फैसला आ जाएगा।
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कानून में 15 गतिविधियां ‘अनफेयर मीन्स’
कानून में आर्थिक या अनुचित लाभ के लिए की जाने वाली 15 गतिविधियों को ‘अनफेयर मीन्स’ माना गया है। इनमें शामिल हैं—
- क्वेश्चन पेपर या आंसर-की लीक करना
- क्वेश्चन पेपर और OMR शीट तक अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच
- एग्जाम में कैंडिडेट की हेल्प
- एग्जाम से जुड़े कंप्यूटर सिस्टम से छेड़छाड़ करना
- फर्जी एग्जाम वेबसाइट बनाना
- फर्जी एग्जाम कराना
- फर्जी एडमिट कार्ड या अपॉइंटमेंट लेटर जारी करना
किन परीक्षाओं पर लागू होता है कानून
यह कानून नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की NEET-UG, JEE Main, UGC-NET और CUET जैसे एग्जाम पर लागू होता है। इसके दायरे में UPSC, SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड और IBPS एग्जाम भी आते हैं।

