'इडियट और अंधभक्त' वाले बयान पर लोकसभा में बवाल: राहुल गांधी को रिजिजू ने टोका, BJP बोली- असंसदीय भाषा
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार (29 जुलाई) को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा में हिस्सा लिया।
नेशनल डेस्क। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की स्पीच के दौरान खूब हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में तीन तरह के लोगों- स्टूडेंट्स, इडियट्स और अंधभक्त का जिक्र किया, जिस पर NDA सांसदों ने आपत्ति उठाई और इसे असंसदीय भाषा बताया।
हंगामा इतना हुआ कि राहुल गांधी ने अपनी स्पीच बीच में रोक दी। इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम आपके भाषण में रोक-टोक नहीं करना चाहते, लेकिन आपने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है। आप अपनी बात जारी रखें, लेकिन ऐसी भाषा का प्रयोग न करें।
राहुल गांधी ने ऐसा क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपनी स्पीच की शुरुआत स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान एक लड़की से हुई बातचीत का वाकिया सुनाते हुए की। उन्होंने कहा कि उस लड़की ने बताया कि दो तरह के लोग होते हैं। एक है स्टूडेंट कैटगरी जिन्हें पता है कि वह सब कुछ नहीं जानते। वह बहुत कुछ सीख रहे हैं और दूसरी कैटेगरी है- इडियट्स की, जिसे लगता है कि वह सब कुछ जानते हैं और खुद को भगवान मानते हैं।
राहुल गांधी के इतना कहते ही सदन में सत्ता पक्ष के सांसद खड़े होकर उनका विरोध करने लगे। हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को बिल पर चर्चा करने के लिए कहा तो भी नेता प्रतिपक्ष ने किस्सा सुनाना जारी रखा। उन्होंने कहा कि जब गर्ल स्टूडेंट ने उन्हें लोगों की यह दो कैटेगरी बताई तो मैंने उससे पूछा कि फिर अंधभक्त किस कैटेगरी में आते हैं। राहुल गांधी के इतना कहते ही NDA सांसद एक बार फिर खड़े होकर राहुल गांधी की इस कमेंट का विरोध करने लगे।
राहुल गांधी ने अपनी बात जारी रखी और कहा कि उनके सवाल का जवाब लड़की ने यह कहते हुए दिया कि अंधभक्त एक तीसरी कैटगरी है, जो इडियट को भगवान मानती है। राहुल के इस बयान के बाद हंगामा इतना बढ़ा कि किरण रिजिजू को हस्तक्षेप करना पड़ा।
छात्रों के आंदोलन की तारीफ में क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में छात्र आंदोलन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने जिस तरह अपनी आवाज उठाई, उससे उन्हें भविष्य को लेकर भरोसा मिला है। उन्होंने कहा- मैं देश के भविष्य को देखकर बेहद उत्साहित और आश्वस्त हुआ। सड़कों पर जो कुछ हुआ, वह न गुस्सा था, न हिंसा और न ही नफरत। यह इस देश के युवाओं और आने वाली जनरेशन का एक्सप्रेशन था। मेरा मानना है कि सभी राजनीतिक दलों को इस भावना का सम्मान करना चाहिए, जिसमें BJP के मेरे दोस्त भी शामिल हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि अगर BJP के नेता अपने ही बच्चों से पूछें कि वे छात्रों के आंदोलन के बारे में क्या सोचते हैं, तो उनके बच्चे भी इस आंदोलन के सपोर्ट में खड़े मिलेंगे।
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