एकतरफा प्यार कब तक: आनंद दुबे ने शिवसेना (UBT) से इस्तीफा दिया, पूछा- पार्टी के फैसले क्या कॉकरोच करेंगे
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मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद दुबे ने कहा- हम शुचिता की राजनीति करने आए थे, कठुता की नहीं। इस गंदी राजनीति से मेरा मन आहत है।
नेशनल डेस्क. शिव सेना (UBT) नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा- उनके लिए देश पहले है, पार्टी बाद में।
सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद दुबे ने कहा- मेरे हीरो शरजील इमाम, उमर खालिद और ध्रुव राठी नहीं है, मेरा हीरो स्मित मछार हैं। वो स्मित, जिन्होंने दुनिया को बताया कि हमारे बजरंगबली में कितनी शक्ति है, जब तक हमारे बजरंगबली हैं तब तक कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जिस बहादुरी से हमारे कैप्टन ने लड़ाई लड़ी, सैंकड़ों यहूदियों को बचाया। एक छोटा सा ट्वीट हमारी पार्टी की तरफ से नहीं आया।
'स्मित मछार के लिए एक ट्वीट नहीं कर सकते'
उन्होंने कहा- आंखों में क्या आंसू नहीं आएंगे। राजनीति करो, सरकारों का विरोध करो, आलोचना करो, आंदोलन करो, भूख हड़ताल करो, मंहगाई के खिलाफ विरोध करो, बेरोजगारी के खिलाफ, लेकिन देश के खिलाफ नहीं। स्मित मछार ने जो काम किया है, उस जांबाज हीरो के लिए हम एक ट्वीट नहीं कर सकते।
'अब पार्टी के निर्णय कॉकरोच करेंगे'
आनंद दुबे ने कहा- हमारी पार्टी हिंदू हृदय सम्राट बाबा साहब ठाकरे के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी उसके लिए यह निर्णय कॉकरोच करेंगे। वो हमारे नेता होंगे। उनके मंचों पर हम जाएंगे। हम अपने मंचों पर उनको बुलाएंगे। बहुत दुख है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अखबार की खबर के बाद सवाल उठाए गए। ठीक है इस पर संवाद हो, चर्चा हो। लेकिन अगर पूरे सिस्टम पर ही सवाल उठाया जाए तो, वोट चोरी हो गया, वोट चोरी हो गया।
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मैं बेवफा नहीं हू- आनंद दुबे
दुबे ने कहा- हमारे देश के वोटर्स के दिए गए वोट को हम चोर कहेंगे। हम शुचिता की राजनीति करने आए थे, कठुता की नहीं। सरकार से हमारे एक लाख मतभेद होंगे, लेकिन व्यक्तिगत हमले नहीं। इस गंदी राजनीति से मेरा मन आहत है। एक कार्यकर्ता जब घर से निकलता है, तो उसे बड़ी पीड़ा होती है। अभी हाल ही में मेरे खिलाफ एक फर्जी इस्तीफा वायरल कर दिया। पार्टी ने उसका एक खंडन तक नहीं किया, मजबूरन मुझे ही खंडन करना पड़ा। मेरा मन नहीं दुखेगा? एक तरफा प्यार कब तक? मैं बेवफा नहीं हूं, लेकिन तुम भी तो वफा नहीं कर सके।

