नेपाल के सुनसरी में कर्फ्यू: कांवड़ यात्रा पर पथराव के बाद पुलिस फायरिंग; एक की मौत
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नेपाल सरकार ने सुनसरी जिले में दंगे के बाद भारत बॉर्डर से सटे 8 से ज्यादा इलाकों में कर्फ्यू अगले आदेश तक बढ़ा दिया है। फोटो क्रेडिट- Ratopatti
इंटरनेशनल डेस्क। नेपाल के भारत से सटे सुनसरी (Sunsari) जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान पथराव के बाद भड़के दंगे से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। रविवार की रात दंगे के दौरान बेकाबू भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें 30 साल के ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई, जबकि सिक्योरिटी फोर्सेस समेत 22 लोग घायल हुए हैं।
इसके बाद जहां एक ओर पुलिस एक्शन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए, वहीं दूसरी ओर दो समुदायों के लोगों ने एक दूसरे पर हमले शुरू कर दिए। बढ़ती टेंशन के बीच 8 से ज्यादा इलाकों में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया गया है। नेपाल आर्मी, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस को तैनात किया गया है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (Balendra Shah) ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा- पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलेगा। मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाएगा और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, सरकार ने जांच के लिए एक पांच मेंबर वाली टीम भी गठित की है।

कैसे शुरू हुआ विवाद
- पूरी घटना रविवार रात करीब 10 बजे देवानगंज (Dewanganj) रूरल म्युनिसपलिटी के कप्तानगंज (Kaptanganj) इलाके में शुरू हुई। यहां सालाना बोलबम यात्रा निकल रही थी। पुलिस के मुताबिक जुलूस के दौरान तेज आवाज में बज रहे म्यूजिक पर दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और हिंसक झड़प शुरू हो गई।
- पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंची टीम पर पत्थर, बांस, लाठी, भाले और लकड़ियों से हमला किया गया। हालात काबू से बाहर होने पर पहले आंसू गैस छोड़ी गई। इसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस पर भी भीड़ नहीं मानी तो पुलिस ने फायरिंग की। इसी दौरान ओम प्रकाश मेहता की गोली लगने से मौत हो गई।
- पुलिस फायरिंग में कई लोग घायल हो गए। ज्यादातर घायलों को कमर और घुटनों के ऊपर गोली लगी है। इसके बाद पुलिस एक्शन पर लोगों ने नाराजगी जताई। दोनों समुदायों के लोग एक दूसरे पर हमले करने लगे। हालात इतने बिगड़ गए कि कर्फ्यू लगाना पड़ा। PM बालेन शाह को सफाई देनी पड़ी।

भारत के लिए क्यों अहम है सुनसरी जिला
नेपाल के साउथ-ईस्ट हिस्से में बिहार सीमा से लगा यह जिला भारत और नेपाल के बीच ट्रेड और लोगों के आने-जाने का बड़ा कॉरिडोर है। नेपाल का यह जिला भारत के ट्रेन और रोड़ नेटवर्क से सीधा कनैक्ट होता है। इसलिए यहां की स्थिति पर दोनों देशों की नजर बनी हुई है। इसी वजह से यहां की स्थिति पर सिर्फ नेपाल ही नहीं, बल्कि भारत की भी नजर रहती है। दोनों देशों के बीच यह एक अहम ट्रेड रूट माना जाता है।
भारत और नेपाल के बीच कितना ट्रेड
सुनसरी बॉर्डर भारत और नेपाल के बीच ट्रेड के लिहाज से अहम माना जाता है। मई 2026 में भारत ने नेपाल को 675 मिलियन डॉलर (करीब 6,461 करोड़ रुपए) का एक्सपोर्ट किया। इसमें सबसे ज्यादा 220 मिलियन डॉलर (करीब 2,105 करोड़ रुपए) के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, 72.7 मिलियन डॉलर (करीब 695 करोड़ रुपए) का लोहा और स्टील और19.3 मिलियन डॉलर (करीब 184 करोड़ रुपए) का प्लास्टिक का कच्चा माल शामिल था।

नेपाल ने भारत को क्या-क्या भेजा
दूसरी तरफ नेपाल ने भारत को 82.1 मिलियन डॉलर (करीब 785 करोड़ रुपए) का वेजिटेबल ऑयल, 8.34 मिलियन डॉलर (करीब 79 करोड़ रुपए) के सूती धागे और कपड़े और 6.58 मिलियन डॉलर (करीब 62 करोड़ रुपए) का प्लाईवुड एक्सपोर्ट किया।
भारत पर क्या असर हो सकता है
सुनसरी जैसे बॉर्डर जिले में टेंशन बढ़ने से दोनों देशों के कारोबार पर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही बॉर्डर मूवमेंट पर भी इसका असर हो सकता है। नेपाल-भारत बॉर्डर पर बड़े पैमाने पर लोगों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। ऐसे में बॉर्डर इलाके के लोगाें की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जांच के लिए 5 मेंबर वाली कमेटी गठित
हिंसा के बाद नेपाल की होम मिनिस्ट्री ने जॉइंट सेकेरेट्री भूपेंद्र थापा (Bhupendra Thapa) की अगुआई में 5 मेंबर वाली जांच कमेटी बनाई है। कमेटी में एसपी बिपिन रेग्मी (Bipin Regmi) भी शामिल हैं। टीम ने मंगलवार सुबह से जांच शुरू कर दी। सबसे पहले उसने विराटनगर के न्यूरो हॉस्पिटल और नोबेल हॉस्पिटल में भर्ती घायलों से मुलाकात की। इसके बाद इनरुवा में स्थानीय प्रशासन और दूसरे पक्षों से बातचीत की। बिपिन रेग्मी ने कहा कि कमेटी को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है, इसलिए फिलहाल जांच से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जाएगी।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने क्या कहा
नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने मृतक को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा- हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगे। इसके साथ ही प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का भी ऐलान किया।
बालेंद्र शाह ने आगे कहा- सुरक्षा बलों की गोलीबारी में नागरिक की मौत और लोगों का घायल होना गंभीर मामला है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही सरकार ने सुनसरी के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर बसुदेव घिमिरे, कोशी प्रांत के DIG बिनोद घिमिरे और सुनसरी के SP केशव कुमार थेबे का ट्रांसफर भी कर दिया है।

कर्फ्यू कहां-कहां लगाया गया
स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार रात नया आदेश जारी कर कर्फ्यू का दायरा बढ़ा दिया। अब इटहरी, इनरुवा, दुहबी, कोशी, देवानगंज, हरिहर, बरजू समेत सुनसरी जिले के कई नगरपालिकाओं और ग्रामीण इलाकों में अगले आदेश तक कर्फ्यू लागू रहेगा। कर्फ्यू के दौरान किसी भी तरह की सभा, प्रदर्शन, धरना, सार्वजनिक बैठक और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

