नेपाल के 5 जिलों में हिंसा: 3 की मौत, 22 पुलिसकर्मी समेत कई घायल; 10 से ज्यादा शहरों में कर्फ्यू, मिलिट्री तैनात
Published:
4 min read

नेपाल के सिरहा जिले में
इंटरनेशनल डेस्क. नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई हिंसा अब पांच जिलों तक फैल गई है। अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सुनसरी के अलावा सिरहा, सप्तरी, धनुषा और पर्सा जिलों समेत 10 से ज्यादा शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। सेंसिटिव इलाकों में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और मिलिट्री की तैनाती बढ़ा दी गई है।
कानून-व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने तक कर्फ्यू जारी रहेगा
प्रशासन ने कहा है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने तक कर्फ्यू जारी रहेगा। सिक्योरिटी फोर्सेस को भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पहले आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसे उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही लोकल नेताओं और दूसरे पक्षों के साथ बातचीत भी जारी है।
हिंसा के दौरान कई जगह तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट और झड़पों की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों से जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने, अफवाहों से बचने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी शेयर न करने की अपील की है।
ये भी पढ़ें.. नेपाल के सुनसरी में कर्फ्यू: कांवड़ यात्रा पर पथराव के बाद पुलिस फायरिंग; एक की मौत
26 जुलाई को सुनसरी से शुरू हुई थी हिंसा
हिंसा की शुरुआत 26 जुलाई को सुनसरी जिले में दो समुदायों के बीच हुए टकराव से हुई थी। इस दौरान 24 साल के ओम प्रकाश मेहता की गोली लगने से मौत हो गई थी। उसी हिंसा में गंभीर रूप से घायल 20 साल के जया प्रकाश मेहता ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
तीसरी मौत गुरुवार को सिरहा जिले में हुई, जहां झड़प के दौरान गोली लगने से 17 साल के किशोर की मौत हो गई। हिंसा में 22 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इनमें दो डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) शामिल हैं।
हाईवे जाम के बाद बढ़ी हिंसा, कई दुकानों में आगजनी
गुरुवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने कसाहा में ईस्ट-वेस्ट हाईवे जाम कर दिया, जिसके बाद हिंसा गोलबाजार तक फैल गई। प्रदर्शनकारियों ने AB Mall समेत कई दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की। सिक्योरिटी फोर्सेस ने लाठीचार्ज किया और 21 राउंड आंसू गैस के गोले दागे।
दोपहर 2 बजे सिरहा में कर्फ्यू लागू कर मिलिट्री तैनात कर दी गई। अफसरों के मुताबिक कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारी दोबारा हाईवे की ओर बढ़े, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने फायरिंग की। बाद में एक दर्जन से ज्यादा दुकानों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।

उधर, लहान में भी दो समुदायों के बीच टेंशन बढ़ने पर पुलिस ने चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं जनकपुर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार झड़प हुई, जिसके बाद गुरुवार दोपहर 3:30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया। हालात पर काबू पाने के लिए नेपाली सेना ने बख्तरबंद वाहन, हेलीकॉप्टर और पैदल गश्त शुरू की।
परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
सुनसरी के 10 स्थानीय निकायों में कर्फ्यू तीसरे दिन भी जारी रहा। अफसरों ने कहा कि सुरक्षा स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन मारे गए लोगों के परिजनों के साथ बातचीत में सहमति नहीं बनने के कारण पाबंदियां नहीं हटाई गई हैं।

ओम प्रकाश मेहता का शव अब भी हॉस्पिटल में रखा है। उनके परिजन शव लेने से इनकार कर रहे हैं। परिवार की मांग है कि उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए, उचित मुआवजा दिया जाए और गोलीबारी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने गुरुवार शाम कहा कि सरकार हिंसा की निष्पक्ष जांच कराएगी और शांति बहाल करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी।

