120 kmph तक की स्पीड पर चालान नहीं कटेगा: नितिन गडकरी का निर्देश, बोले- एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट से 20% ज्यादा रफ्तार पर भी चार्ज नहीं
Published:
2 min read

नितिन गडकरी ने निर्देश दिया है कि 120 किमी प्रति घंटे तक की स्पीड के लिए किसी को कोई नोटिस न भेजा जाए। (फाइल फोटो)
बिजनेस डेस्क। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों से कहा है कि एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाले वाहनों का ट्रैफिक चालान न काटा जाए। उन्होंने मंगलवार को अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं। ये बात उन्होंने एक इवेंट के दौरान बताई। गडकरी ने कहा, कोई वाहन चालक इस स्पीड लिमिट से 20% तक ज्यादा तेज गाड़ी चलाता है, तो उसे भी छोड़ दिया जाना चाहिए। चालान केवल इससे भी ज्यादा स्पीड होने पर ही काटा जाना चाहिए।
एक्सप्रेसवे के लिए कितनी स्पीड तय
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने कहा कि रोड पर कुछ लोगों को स्पीड के कारण नोटिस मिल रहे हैं। मैंने निर्देश दिया है कि 120 किमी प्रति घंटे तक की स्पीड के लिए कोई नोटिस न भेजा जाए। 120 किमी प्रति घंटे से ऊपर भी, अगर कोई व्यक्ति इस लिमिट से 20% ज्यादा स्पीड पर चलता है तो उसे जाने दें।
अगर कोई इससे भी तेज चलता है, तो उसका चालान काटें। गडकरी ने इंडस्ट्रीज से AI बेस्ड एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) को लागू करने के लिए भी अपील की। इससे ट्रैफिक नियमों के पालन को बेहतर बनाया जा सकेगा।
AI बेस्ड ट्रैफिक मॉनिटरिंग पर फोकस
मंत्री का यह बयान भारत के बढ़ते हाईवे नेटवर्क पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की कोशिशों के बीच आया है। AI पर बेस्ड एडवांस्ड ट्रैफिक सिस्टम (ATMS) से अधिकारियों को नियमों का ठीक से पालन कराने और गलत तरीके से गाड़ी चलाने वालों की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे सड़कों पर नजर रखने के लिए तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ेगा।
नितिन गडकरी ने E20 फ्यूल पर बात की
इसके अलावा, गडकरी ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर हाल ही में हुई आलोचनाओं पर भी बात की। उन्होंने E20 फ्यूल के खिलाफ हो रहे विरोध को पेड प्रोपेगैंडा बताया। उन्होंने कहा, साल 2022 से 4 करोड़ कारें और 20 करोड़ टू-व्हीलर E20 फ्यूल पर चल रहे हैं।
तीन महीने पहले एथेनॉल को लेकर काफी हंगामा हुआ था। लेकिन अब सब शांत हो गया है। E20 साल 2022 से इस्तेमाल हो रहा है तो क्या अभी तक किसी की गाड़ी खराब हुई है। यह पूरी तरह से पैसे देकर फैलाया गया प्रोपेगैंडा था।
ये खबर भी पढ़ें...
E100 फ्यूल से कौन-सी कारें चलेंगी: E20 पेट्रोल वाली गाड़ियों में क्यों नहीं डाल सकते; जानें वजह

