Jio Platforms Listing: जियो की एंट्री से बदली टॉप-5 कंपनियों की रैंकिंग, TCS टॉप-5 से बाहर; रिलायंस नंबर-1 पर बरकार
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12.49 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ जियो ने सीधे दूसरे नंबर पर जगह बनाई है। (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)
बिजनेस डेस्क। जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर मार्केट में लिस्टिंग के बाद सबसे ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियों की रैंकिंग में बदलाव हुआ है। 12.49 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) देश की दूसरी सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनी बन गई है।
अब रिलायंस इंडस्ट्रीज, जियो प्लेटफॉर्म्स और भारती एयरटेल के बीच टॉप पोजिशन के लिए मुकाबला काफी करीब आ गया है। वहीं, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक भी टॉप-5 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। Jio की लिस्टिंग के बाद TCS टॉप-5 से बाहर हो गई है। TCS का मार्केट कैप 8.76 लाख करोड़ है।
Jio Platforms की लिस्टिंग के बाद भारत की टॉप 5 वैल्यूएबल कंपनियों पर एक नजर डालते हैं...
रिलायंस इंडस्ट्रीज: 16.20 लाख करोड़ मार्केट कैप
रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) अभी भी भारत की सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनी बनी हुई है। Jio के अलग से शेयर मार्केट में आने के बाद भी मुकेश अंबानी की कंपनी पहले नंबर पर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस ऑयल, केमिकल, रिटेल, टेलीकॉम और ग्रीन एनर्जी तक फैला हुआ है। यही अलग-अलग कारोबार कंपनी को बाजार में मजबूत स्थित देते हैं।
हालांकि आज कारोबारी सत्र के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। NSE पर शेयर करीब 1.50% गिरकर 1,173.10 रुपए पर पहुंच गया है। इसका पिछला बंद भाव 1,196.20 रुपए था। कंपनी 30 अक्टूबर को दूसरे क्वार्टर के रिजल्ट जारी करेगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स: 12.49 लाख करोड़ मार्केट कैप
जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने स्टॉक मार्केट में शानदार शुरुआत की है। लिस्टिंग के साथ ही भारत की दूसरी वैल्यूएबल कंपनी बन गई। कंपनी का शेयर 1,358 रुपए पर लिस्ट हुआ, जो 1,119 रुपए के इश्यू प्राइस से 21.35% ज्यादा था। इसके बाद शेयर में करीब 1.2% और तेजी आई और यह 1375 रुपए के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। Jio की लिस्टिंग ऐसे समय हुई। जब शेयर बाजार पर दबाव था और US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग से पहले बेंचमार्क इंडेक्स में करीब 1% की गिरावट आई।

भारती एयरटेल: 12.07 लाख करोड़ मार्केट कैप
भारती एयरटेल (Bharti Airtel) 12.07 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ तीसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी है। टैरिफ बढ़ने, एवरेज प्रति यूजर कमाई (ARPU) में सुधार और ज्यादा वैल्यू वाले प्लान पर फोकस से Airtel को फायदा मिला है। कंपनी का ब्रॉडबैंड कारोबार भी तेजी से बढ़ते डिजिटल कनेक्टिविटी मार्केट में अहम भूमिका निभा रहा है। कारोबारी सत्र के दौरान Airtel का शेयर 2.6% गिरकर 1,978 रुपए पर आ गया।
एचडीएफसी बैंक: 10.44 लाख करोड़ मार्केट कैप
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) 10.44 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ भारत का सबसे वैल्यूएबल प्राइवेट सेक्टर लेंडर बना हुआ है। बैंक की रिटेल और कॉर्पोरेट बैंकिंग में अच्छी-खासी मौजूदगी है, जिसे इसके ब्रांच नेटवर्क, कस्टमर बेस और बैलेंस शीट से सपोर्ट मिलता है। HDFC Ltd के साथ इसके मर्जर से इसकी लेंडिंग फ्रैंचाइजी बढ़ी है। हालांकि इस इंटीग्रेशन से डिपॉजिट जुटाने और क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो से जुड़ी मुश्किलें आई हैं।
आईसीआईसीआई बैंक: 9.83 लाख करोड़ मार्केट कैप
आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) भारत की पांच सबसे कीमती कंपनियों की लिस्ट में शामिल है, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 9.83 लाख करोड़ है। बैंक ने एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाने, प्रॉफिटेबिलिटी को मजबूत करने और डिजिटल बैंकिंग सर्विसेज को बढ़ाने पर फोकस किया है। कारोबारी सत्र के दौरान ICICI Bank के शेयर 1.9% गिरकर 1,361.25 रुपए पर पहुंच गए। टॉप 5 में इसकी मौजूदगी देश के इक्विटी मार्केट में भारत के प्राइवेट सेक्टर बैंकों की अहमियत को दिखाती है।

