EPFO अलर्ट: PF पर ब्याज दर 0.25% तक घट सकती है, मार्च में CBT बैठक में फैसला होगा
Published:
3 min read

अगर ब्याज दर घटती है तो PF पर मिलने वाला रिटर्न कम हो सकता है। मार्च की CBT बैठक के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।
बिजनेस डेस्क। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ब्याज दर में 0.25% तक की कटौती कर सकता है। नई दर 8% से 8.20% के बीच हो सकती है। यह जानकारी इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में सामने आई है। फिलहाल प्रोविडेंट फंड (PF) पर 8.25% ब्याज मिल रहा है।
दरअसल, EPFO की सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की मीटिंग मार्च में होने वाली है। इस बैठक में तय होगा कि आने वाले साल में PF पर कितना ब्याज मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, EPFO इस समय दो बड़ी जिम्मेदारियों के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश कर रहा है। एक तरफ अपने फंड को सुरक्षित रखना और सदस्यों को समय पर भुगतान करना।
चुनावी माहौल असर डाल सकता है
ब्याज दर में कटौती की पूरी संभावना है, लेकिन राजनीतिक कारण फैसले को प्रभावित कर सकते हैं। इस साल पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में इलेक्शन हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत EPFO से जुड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। ज्यादा लोगों को भुगतान करने के लिए ब्याज दर में हल्की कटौती की जा सकती है, ताकि संगठन के पास जरूरी फंड बफर बना रहे।
यह भी पढ़ें- EPFO 3.0 से बदलेगा पूरा सिस्टम: नया पोर्टल और ट्रांसलेशन टूल; UPI से पैसा निकालना जल्द होगा आसान
FIAC की बैठक के बाद ब्याज दर पर फैसला
CBT की बैठक से पहले फरवरी के आखिरी सप्ताह में EPFO की फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट एंड ऑडिट कमेटी (FIAC) की बैठक होगी। इस मीटिंग में करंट फाइनेंशियल ईयर में निवेश से हुई कमाई की समीक्षा की जाएगी।
FIAC अपनी सिफारिश CBT को देगी। इसके बाद वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलेगी। फिर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नई ब्याज दर का पैसा पीएफ खाते में मिड 2026 तक क्रेडिट होने की उम्मीद है।
वेतन सीमा बढ़ाने पर चर्चा होगी
इस बैठक में पीएफ के लिए तय वेतन लिमिट बढ़ाने का मुद्दा उठ सकता है। अभी EPF में कवरेज के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपए प्रति महीना है, जिसे बढ़ाकर 25,000 रुपए किया जा सकता है। जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफओ को चार महीने के अंदर सैलरी रिवीजन करने का निर्देश दिया था। FIAC इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाएगी, क्योंकि वह इन्वेस्टमेंट और ऑडिट से जुड़े फैसलों पर नजर रखती है।
यह भी पढ़ें- UAN से जुड़ गया गलत मेंबर आईडी: EPFO ने दी डिलिंक करने की सुविधा, देखें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस

