नीता अंबानी बनाएंगी 100 एकड़ में अनंत आश्रय टाउनशिप: 5000 अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगा घर, इलाज और देखभाल के साथ कई सुविधाएं भी
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इस टाउनशिप में रहने वाले लोगों को ही नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी फायदा मिलेगा। (फाइल फोटो)
बिजनेस डेस्क। रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने रविवार को मुबंई के पास कर्जत में 100 एकड़ की जमीन पर टाउनशिप बनाने का ऐलान किया किया है। इस टाउनशिप में 5,000 से ज्यादा अनाथ बच्चों, सीनियर सिटीजन और डेवलपमेंटल डिसेबिलिटी से परेशान लोगों को रहने की सुविधा मिलेगी। इस टाउनशिप का नाम ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ रखा गया है। इसके जरिए ऐसे लोगों को सुरक्षित घर, बेहतर देखभाल और सम्मान के साथ जीवन जीने का मौका देना है, जिन्हें लंबे समय तक मदद की जरुरत होती है।
नीता अंबानी ने 1 नवंबर को अपने जन्मदिन के मौके पर टाउनशिप के लिए भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इससे लगभग 15,000 लोगों को मदद मिलेगी, जिसमें एम्पलॉयीज, डॉक्टर, मेडिकल प्रोफेशनल, सपोर्ट स्टाफ और उनके परिवार भी शामिल होंगे।
100 एकड़ में बनेगी अनंत आश्रय टाउनशिप
नीता अंबानी की इस टाउनशिप में अलग-अलग जरूरतों वाले लोगों को एक ही जगह पर रहने, इलाज, एजुकेशन और नौकरी से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी। इसके जरिए अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों को परिवार जैसा माहौल और देखभाल देना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत 8 आवासीय गांव बनाने का प्लान है। इन गांवों का नाम भारत की पवित्र नदियों के नाम पर रखा जाएगा। यहां पर लोगों को छोटे और परिवार जैसे माहौल में रखा जाएगा। इन घरों में हर जरूरत की चीज होगी, जिसके लिए हाउस पेरेंट्स और केयरगिवर्स अपॉइंट किए जाएंगे। टाउनशिप में रहने वाले हर शख्स के लिए अलग पर्सनल केयर और डेवलपमेंट प्लान बनाया जाएगा।

स्पेशल हॉस्पिटल और हाईटेक इलाज की सुविधा मिलेगी
अनंत आश्रय प्रोजेक्ट में एक खास हॉस्पिटल होगा। जहां पर डेवलपमेंटल मेडिसिन, मिर्गी के इलाज, डेंटल केयर और पैलिएटिव केयर जैसी मेडिकल फैसिलिटी दी जाएगी है। इसके अलावा टाउनशिप में रिहैबिलिटेशन होगा। इसके लिए फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी जैसी फैसिलिटी दी जाएंगी।
एजुकेशन, खेल और नौकरी के लिए भी होंगे इंतजाम
इस प्रोजेक्ट में रहने वाले लोगों की रोजाना की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए एजुकेशन, मनोरंजन और नौकरी से जुड़ी सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके अलावा वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर भी तैयार किया जाएगा, जहां लोगों को अलग-अलग काम सीखने और अपनी स्किल को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। टाउनशिप में बेकरी, कैफे और क्राफ्ट स्टूडियो भी बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में एक हॉस्पिस विंग और गार्डन ऑफ रिमेंबरेंस बनाने का प्लान है। इससे गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों पर ध्यान रखा जाएगा।
आसपास के गांवों और स्थानीय लोगों को भी मिलेगा फायदा
नीता अंबानी की इस पहल से सिर्फ टाउनशिप में रहने वाले लोगों को ही नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी फायदा मिलेगा। अनुमान है कि आसपास के इलाकों के करीब 1,000 लोगों को थेरेपी, एजुकेशन और नौकरी के मौके मिल सकेंगे। इसके अलावा आस-पास समुदायों की सेहत से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए मोबाइल मेडिकल क्लीनिक शुरू करने का प्लान भी है। इसके अलावा फैमिली रेस्पाइट होम की सुविधा भी देने का प्लान है।
नीता अंबानी ने क्या कहा
नीता अंबानी ने इस पहल को अपने और अपने परिवार के लिए बेहद भावनात्मक और महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए दिव्यांग लोगों, अनाथ बच्चों और बुजुर्गों के लिए एक ऐसी जगह बनाना है, जहां उन्हें अपनापन महसूस हो।
उन्होंने कहा कि एक मां के तौर पर वह उन माता-पिता की चिंता को समझती हैं, जो पूरी जिंदगी इस सवाल के साथ जीते हैं कि उनके बाद उनके बच्चों की देखभाल कौन करेगा। ऐसे परिवारों को यह भरोसा होना चाहिए कि उनके बच्चों के पास हमेशा एक सुरक्षित घर और अपना परिवार रहेगा।
नीता अंबानी के मुताबिक, अनंत आश्रय के जरिए हर उम्र के शख्स को सम्मान के साथ जीवन जीने का मौका देना है। उनका कहना है कि यहां रहने वाले लोग हर दिन नई उम्मीद के साथ जिएं।
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