NEET प्रोटेस्ट के दौरान AK-47 चलाने का मामला: बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- भीड़ ने घेर लिया था, इसलिए कॉन्स्टेबल ने हवा में 4 राउंड फायरिंग की
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बिहार के सिवान में NEET पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर AK-47 के इस्तेमाल का आरोप लगा था।
नेशनल डेस्क. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भीड़ में फंस जाने पर बिहार के एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने AK-47 से हवा में 4 राउंड फायरिंग की थी। हालांकि, सरकार ने कोर्ट में यह भी कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बहुत अधिक बल का इस्तेमाल नहीं किया।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बिहार सरकार ने यह भी दावा किया कि AK-47 की गोली से कोई भी छात्र घायल नहीं हुआ।
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क्या है मामला
दरअसल, दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ CJP ने जुलाई में विरोध प्रदर्शन किया था। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी। पुलिस पर लाठीचार्ज और अत्याधिक बल का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इसके बाद बिहार समेत कई राज्यों में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी।
पुलिस एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं
बिहार में AK-47 के इस्तेमाल और देशभर में पुलिस एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। कोर्ट ने गंभीर क्रिमिनल रिकॉर्ड के प्रदर्शनकारियों को छोड़कर बाकी सभी को रिहा करने का आदेश दिया है।
बिहार सरकार ने क्या कहा
बिहार पुलिस ने सिवान में AK47 राइफल के इस्तेमाल के आरोप पर हलफनामे में कहा गया है कि भीड़ में फंस जाने पर एक कॉन्स्टेबल ने हवा में चार गोलियां चलाईं। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। हलफनामे में आगे बताया गया है कि हाथी चौक के पास एक ASI ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अपनी 9 मिमी पिस्टल से दो गोलियां चलाईं, जिसमें तीन प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें आईं।
आरोप है कि AK47 के इस्तेमाल से तीन प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इस पर सरकार ने हलफनामे में कहा- इन तीनों प्रदर्शनकारियों को AK47 की गोलियों से कोई चोट नहीं आई और न ही ये लोग उस जगह थे, जहां AK47 का इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद पुलिस बैलिस्टिक जांच कर रही है कि इन प्रदर्शनकारियों को कैसे चोटें आई हैं।
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हलफनामे में कहा गया है कि AK47 एक प्लाटून लेवल का हथियार है जिसका इस्तेमाल विशेष अभियानों में किया जाना चाहिए, न कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की स्थितियों में। इसमें आगे कहा गया है कि राज्य के DGP ने AK47 के इस्तेमाल के संबंध में गाइडलाइन भी जारी की है।
सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया
बिहार सरकार ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने में जुटे कई पुलिस अधिकारियों को असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर निशाना बनाया। सिवान को लेकर सरकार ने कहा, वहां तैनात बल कम था। इसलिए पुलिस की सहायता के लिए और कर्मियों को बुलाया गया। जेपी चौक के पास एक कॉन्स्टेबल भीड़ में फंस गया और उसने अपनी एके47 से हवा में चार गोलियां चलाईं।

