Video-उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही: पलक झपकते ही बहे कई मकान, मलबे से पटा धराली गांव; 4 लोगों की मौत; 60 लापता
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि नदी में अचानक पानी और मलबा आने से कई मकान बह गए। पूरा धराली गांव मलबे में पट गया। अभी तक 4 लोगों की मौत की खबर है। 60 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है। उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हम आपदा रोक तो नहीं सकते, लेकिन हालात पर काबू जरूर पा सकते हैं। रेस्क्यू टीम को रवाना कर दिया गया है।
बता दें, धराली गांव में फ्लैश फ्लड हर्षिल इंडियन आर्मी कैम्प से 4 किमी दूर हुआ है। आर्मी के 150 जवान 10 मिनट में ही घटनास्थल पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु कर दिया। अब तक आर्मी के जवानों ने 15 से 20 लोगों को बचाया है। सेना के अस्पताल में कई घायलों का इलाज हो रहा है। धराली के पास सुखी टॉप में एक और बादल फटने की घटना हुई है। उत्तरकाशी प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है।

ITBP की 3 टीमें घटनास्थल रवाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया X लिखा कि उत्तरकाशी में फ्लैश फ्लड की घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से घटना की जानकारी ली है। ITBP (Indo Tibetan Border Police) की निकटतम 3 टीमों को वहां भेज दिया गया है। साथ ही NDRF की 4 टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाह ने उत्तराखंड के सांसदों के साथ एक मीटिंग भी की है।

धराली गांव में बादल फटने पर उत्तराखंड CM के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि DM और SP दोनों ही मौके पर रवाना हो गए हैं। जान-माल की क्षति होने की आशंका है। हम आंकलन कर रहे हैं। जैसे ही हमें पता चलेगा कि स्थिति किस स्तर पर है, हम उसके अनुसार कार्य करेंगे। देखने से लगता है कि काफी नुकसान हुआ है। इसे लेकर जो भी कार्रवाई करनी होगी, करेंगे।

PM मोदी ने हादसे पर दुख जताया
PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X लिखा- इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। CM पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
जानिए बादल क्यों फटते हैं
बादल इसलिए फटते हैं क्योंकि वे बहुत ज्यादा पानी और नमी इकट्ठा कर लेते हैं। जब गर्म हवा नमी से भरे बादलों को ऊपर की तरफ धकेलती है और ये ठंडी हवा से टकराते हैं, तो बादलों में जो पानी होता है, वो बूंदों में बदलकर भारी हो जाता है।
जब बादलों के अंदर पानी का दबाव बहुत अधिक हो जाता है और वे उसे सहन नहीं कर पाते, तो बादल अचानक फट जाते हैं। इससे बहुत तेजी से बारिश होती है। ये घटना खासकर पहाड़ी इलाकों में ज्यादा होती है, क्योंकि वहां हवा की दिशा और तापमान में बदलाव के कारण बादल एक जगह ठहर जाते हैं। बादल फटने से अचानक बाढ़ और तबाही भी हो सकती है।
2013 की केदारनाथ त्रासदी में मारे गए थे 6000 लोग
उत्तराखंड के ही केदारनाथ में 2013 में बादल फटने से भयंकर बाढ़ और भूस्खलन हुआ था। केदारनाथ मंदिर सहित कई क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए थे। NDMA (नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी) की रिपोर्ट के अनुसार इस आपदा में 6 हजार से अधिक लोग मारे और लापता हो गए थे।

