मैं भी देखूं वो कितने अंडे-ईंट फेंकते हैं: ममता बोलीं- पश्चिम बंगाल के हर जिले का दौरा करूंगी; पुलिस पर प्रेशर में काम करने का आरोप
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ममता ने फिर कहा है कि भाजपा सरकार पुलिस का गलत इस्तेमाल कर रही है। (फाइल)
नेशनल डेस्क. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि वो जल्द ही राज्य के हर जिले का दौरा करेंगी। राज्य में पहली बार सत्ता में आई BJP सरकार को बनर्जी ने चैलेंज करते हुए कहा- मैं भी देखना चाहती हूं कि वो कितने अंडे और कितनी ईंट फेंकने की ताकत रखते हैं।
कोलकाता में ममता की रैली
- ममता बनर्जी ने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्टूडेंट विंग की रैली में हिस्सा लिया। हालांकि, इस रैली में बहुत कम लोग मौजूद थे।
- दीदी ने कहा- मेरे दौर में पुलिस का एक चेहरा होता था और इंसानियत दिखाते थे। अब ये बिल्कुल बदल चुका है। पुलिस लोगों पर जुल्म कर रही है। बतौर अपोजिशन हम ये सहन नहीं करेंगे।
- ममता ने आगे कहा- भाजपा बांटने की राजनीति कर रही है और ये राज्य के साथ ही देश के लिए भी खतरनाक है। इसके लिए पुलिस का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
- दीदी ने सुवेंदु अधिकारी सरकार से मुखातिब होते हुए कहा- मैं और मेरी TMC पार्टी राज्य के हर जिले में जाएगी और लोगों को बताएगी कि इलेक्शन किस तरह लूट के जरिए जीता गया है।
अंडों और ईंटों से नहीं डरते
ममता ने कहा- मुझे रैली की मंजूरी नहीं दी जा रही। ठीक है, कोई बात नहीं। अब हम गली-गली घूमेंगे। मैं भी तो देखूं कि उनके पास कितने अंडे और ईंटें फेंकने की ताकत है। ऐसा कितना डराने का सामान उनके पास है।
दीदी ने कहा- मैं अदालतों का वक्त खराब नहीं करना चाहती। मैं बार-बार उनके पास रैली की मंजूरी लेने क्यों जाऊं, क्योंकि सरकार तो हर बार रैली की मंजूर नकार देती है। इसलिए हमने फैसला किया है कि अब हम सीधे जनता से संपर्क करेंगे, ताकि बातचीत सीधी हो।

भाजपा ने चुनाव हैक किया
पिछले चुनाव के बारे में बात करते हुए ममता ने कहा- भाजपा ने पिछला चुनाव हाईजैक कर लिया था और यही वजह है कि TMC हार गई। अगर चुनाव फेयर होता तो TMC कभी नहीं हारती। इस मामले में इलेक्शन कमीशन ने भी उनका साथ दिया।
अब कहां खड़ी है तृणमूल कांग्रेस
- बिखराव के पहले TMC लोकसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी थी। उसके 28 सांसद थे। इनमें से 20 अब बागी हो चुके हैं।
- TMC से ज्यादा विपक्षी सांसद सिर्फ कांग्रेस (99) और समाजवादी पार्टी (37) के पास हैं।
- विधानसभा की बात करें तो TMC के 80 में से 60 विधायक ममता का साथ छोड़कर अलग गुट बना चुके हैं। इसे मान्यता भी मिल चुकी है।
- संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में TMC के कुल 13 सांसद थे। इनमें से 4 अब जा चुके हैं, यानी दीदी के पास अब कुल 9 राज्यसभा सांसद हैं।

सेलिब्रिटीज ने दूरी बनाई
- पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी ने अक्सर चर्चित चेहरों पर दांव लगाया। सायोनी घोष से लेकर युसुफ पठान, नुसरत जहां से मिमी चक्रवर्ती और मिथुन चक्रवर्ती से देव अधिकारी तक, फिल्म और खेल जगत से जुड़े कई नामों को उन्होंने राजनीति में पहचान और मंच दिया। लेकिन जब TMC में बिखराव हुआ तो पंक्ति में सबसे पहले यही खड़े नजर आए।
- जिन चर्चित चेहरों पर ममता ने सबसे ज्यादा भरोसा किया, वही उनकी सबसे बड़ी चुनौती बन गए। जिन 20 सांसदों ने ममता का साथ छोड़ा और दूसरी पार्टी में शामिल हुए, उनमें से लगभग एक तिहाई फिल्म या खेल जगत से थे।

जो महाराष्ट्र में, वही बंगाल में
- ममता के साथ जो हुआ, उसकी तुलना महाराष्ट्र की जून 2022 और जुलाई 2023 की घटनाओं से की जा रही है। दरअसल, 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 40 शिवसेना विधायकों ने बगावत कर दी थी। इसके बाद उद्धव ठाकरे सरकार गिर गई। शिंदे CM बने और चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को ही असली शिवसेना माना।
- इसी तरह अजित पवार ने अपने चाचा Sharad Pawar से बगावत कर दी और शिंदे-BJP सरकार में डिप्टी CM बने। NCP दो गुटों में बंट गई। फरवरी 2024 में चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को असली NCP माना और पार्टी का नाम व चुनाव चिह्न उन्हें दे दिया।
- ममता भी कुछ इसी तरह की चुनौतियां का सामना कर रही हैं। वो भी तब जबकि वो खुद 15 साल CM रहीं और पार्टी में उनकी इजाजत के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता था।

