2027 वर्ल्ड कप के लिए युवराज का खास मंत्र: बोले- आखिरी वक्त में बदलाव नहीं, टीम पर भरोसा रखो; ऑस्ट्रेलिया से सीेखे टीम इंडिया
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2027 वनडे वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया में नहीं होगा। इसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया मिलकर करेंगे।(फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क.भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी को लेकर टीम इंडिया को अहम सलाह दी है। युवराज का कहना है कि टूर्नामेंट से पहले टीम में बार-बार बड़े बदलाव करने के बजाय एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार करनी चाहिए। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को लगातार खेलने का मौका देना और मुश्किल समय में भी उन पर भरोसा बनाए रखना वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए बेहद जरूरी है।
2027 वर्ल्ड कप के लिए अभी से तैयार हो टीम
2011 वनडे वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे युवराज सिंह ने कहा कि टीम मैनेजमेंट को अगले एक साल में एक तय टीम तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। वर्ल्ड कप के बिल्कुल करीब पहुंचकर बड़े बदलाव करना टीम के लिए नुकसान हो सकता है।
युवराज ने Cricinfo से कहा- टीम को अभी से उन खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए, जिन्हें 2027 वर्ल्ड कप में उतारने की योजना है। उनके मुताबिक, टीम में 16 से 20 खिलाड़ी हों, लेकिन सभी को पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिलना चाहिए। ऐसा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अब 50 ओवर के मुकाबले कम और टी20 मैच ज्यादा हो गए हैं। ऐसे में वनडे मैचों में मिलने वाले हर मौके का सही इस्तेमाल करना जरूरी है।

आखिरी समय में बदलाव से बचने की सलाह
युवराज ने भारत के पिछले टूर्नामेंट अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि कई बार टीम को आखिरी समय में बड़े बदलाव करने का नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए जो खिलाड़ी वर्ल्ड कप की प्लान का हिस्सा हैं, उन्हें लगातार मौके देने के साथ उनके अच्छे और खराब प्रदर्शन में भी साथ खड़ा रहना चाहिए। भारत तब मुश्किल में पड़ा है, जब बड़े टूर्नामेंट के दौरान या उससे ठीक पहले टीम में बड़े बदलाव किए गए। युवराज के मुताबिक, 2027 वर्ल्ड कप जीतने का भरोसा जिन खिलाड़ियों पर है, उन्हें लगातार बैक करना चाहिए। अगर कोई खिलाड़ी असफल भी होता है, तो उस पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार, टीम के अंदर खिलाड़ियों का भरोसा और विश्वास वर्ल्ड कप में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।

टीम इंडिया को अलग-अलग हालात के लिए तैयार करना होगा
युवराज ने आगे कहा- भारत ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, उनका कहना है कि अभी सेमीफाइनल या फाइनल के बारे में सोचने के बजाय ऐसी टीम तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए, जो मैदान पर किसी भी तरह की स्थिति का सामना कर सके। टीम का पहला टारगेट सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करना होना चाहिए और उसके बाद आखिरी दो मुकाबलों पर ध्यान दिया जा सकता है। फिलहाल सबसे जरूरी काम एक ऐसी टीम तैयार करना है, जो एकजुट होकर खेले और मैच के हालात चाहे जैसे हों, उनसे निपटने के लिए तैयार रहे।

युवराज ने बताया कैसी होनी चाहिए टीम की कॉम्बिनेशन
टीम के कॉम्बिनेशन पर बात करते हुए युवराज ने कहा कि हर देश के पास अलग तरह के खिलाड़ी होते हैं। किसी टीम में ज्यादा ऑलराउंडर होते हैं, तो किसी के पास स्पेशलिस्ट बल्लेबाज और गेंदबाज ज्यादा होते हैं। इसलिए खिलाड़ियों का सिलेक्ट टीम की जरूरत और परिस्थितियों को देखकर होना चाहिए।
युवराज के मुताबिक, टीम के पास 12, 13 या 14 खिलाड़ियों का एक मजबूत ग्रुप होना चाहिए। 15वें खिलाड़ी का चयन मैच की परिस्थितियों के हिसाब से किया जा सकता है। अगर जरूरत हो तो अतिरिक्त स्पिनर, तेज गेंदबाज या ऑलराउंडर को टीम में शामिल किया जा सकता है। उनका मानना है कि अंतिम प्लेइंग इलेवन में ऐसे खिलाड़ी होने चाहिए, जो अपने दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हों।

ऑस्ट्रेलिया से सीख सकती है टीम इंडिया
युवराज ने वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की सफलता का उदाहरण भी दिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम की खासियत रही है कि उसके पास कई ऐसे मैच-विनर रहे हैं, जो अकेले अपने दम पर मुकाबला जिता सकते हैं। उनके मुताबिक, किसी एक दिन एक खिलाड़ी मैच जिताने वाली पारी या प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, जब पूरी टीम मुश्किल में होती है, तो कई मैच-विनर मिलकर टीम को उस स्थिति से बाहर निकालते हैं। युवराज का मानना है कि वर्ल्ड कप में ऐसी ही टीम कॉम्बिनेशन काफी अहम होती है।

