तेंदुलकर-गांगुली से बड़े प्लेयर युवराज: युवी के पिता योगराज बोले- धोनी और कोहली मेरे बेटे से इनसिक्योर फील करते थे
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युवराज सिंह (फाइल फोटो)
स्पोर्ट्स डेस्क. युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने कहा है कि उनका बेटा भारत का सबसे महान बल्लेबाज है। योगराज के मुताबिक- अगर उसे लगातार मौके मिलते तो वो 200 टेस्ट मैच खेलता और 200 टेस्ट सेंचुरी लगाता।योजराज ने यह बातें एक इंटरव्यू में कहीं।
उनसे पूछा गया कि भारत का सबसे महान प्लेयर कौन है? इसके जवाब में योगराज ने कहा- अगर आप ऑल-राउंडर्स की बात करें तो कपिल देव हैं। लेकिन अगर आप बल्लेबाजों की बात करें तो युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली जैसे कई खिलाड़ी हैं। हालांकि युवराज उनकी नजर में सबसे ऊपर हैं।
200 टेस्ट शतक बनाते युवी
योगराज ने आगे कहा- युवराज को लगातार मौके मिलते और वो खेलते रहते तो वो करीब 200 टेस्ट मैच खेलते और शायद 200 शतक भी बना लेते। वो उस लेवल का खिलाड़ी था, जिसके पास गॉड गिफ्टेड टैलेंट था।

युवी से इनसिक्योरिटी फील करते थे कई प्लेयर
योगराज ने एक और बड़ी बात कही। उन्होंने कहा- युवराज के कॅरियर के दौरान उनके कई साथी खिलाड़ी उनके खिलाफ थे। चाहे वो एमएस धोनी हों या विराट कोहली। सब डरते थे कि कहीं युवराज उनकी जगह न ले लें। क्रिकेट की दुनिया में दोस्ती नहीं होती, वहां सिर्फ नाम, शोहरत और पैसे की लड़ाई होती है। सचिन तेंदुलकर ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जो युवराज के सच्चे दोस्त थे। मेरे बेटे का टीम में होना कई लोगों को इनसिक्योरिटी फील कराता था। कुछ प्लेयर अपनी जगह खतरे में महसूस करते थे।

युवराज ने फाइटर की तरह वापसी की
युवराज ने इंडियन क्रिकेट को कई बार अपने दम पर जीत दिलाई है। 2007 के टी-20 और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 2011 विश्व कप में उन्होंने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता।युवराज कैंसर जैसी बीमारी से लड़कर मैदान मे एक फाइटर की तरह लौटे और फिर से भारत के लिए खेले और यह दिखाता है कि युवी की मेंटली कितने टफ थे और उनका माइंडसेट कितना अलग था।

