'तुम खेलने वाले हो': जायसवाल बोले- रोहित भैया ने 15 दिन पहले ही डेब्यू का बताया, उनकी बात सुन डर खत्म हो गया
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स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बैट्समैन यशस्वी जायसवाल वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया था। उन्होंने बताया कि डेब्यू से 15 दिन पहले ही तब के कप्तान रोहित शर्मा ने उनसे कहा था कि वे खेलने वाले हैं। साथ ही रोहित ने कहा था कि वे आखिरी समय पर डेब्यू का बताकर उन्हे सरप्राइज नहीं करना चाहते।
जायसवाल ने बताया कि कैसे रोहित की सलाह और समय से मिली जानकारी ने उनका डर कम किया और मोटिवेट किया। जायसवाल ने एक इंटरव्यू में कहा- रोहित शर्मा ने उनसे बहुत पहले ही बात कर ली थी। उन्होने बता दिया था कि वह खेलने वाले हैं। रोहित भैया ने मुझसे बहुत अच्छे से बात की। उन्होंने ऐसी बातें कहीं, जिनसे मुझे बहुत आत्मविश्वास मिला।
रोहित भैया से बात कर के डर कम हुआ
उन्होंने कहा कि तुम पूरी आजादी से खेलो, अपने शॉट्स भरोसे के साथ खेलो। अगर सेट हो जाओ तो बड़ी पारी खेलने की कोशिश करना। उन्हें मैच से सिर्फ एक दिन पहले नहीं बताया, बल्कि करीब 15 दिन पहले ही कह दिया था कि वह टीम में होंगे। जब टीम वेस्टइंडीज पहुंची और डोमिनिका की यात्रा शुरू हुई, उसी समय रोहित भैया ने कहा, “मैं तुम्हें आखिरी दिन सरप्राइज नहीं देना चाहता।
मैं अभी बता रहा हूं कि तुम खेलने वाले हो। अब तैयारी करो, हम साथ में तैयारी करेंगे और सही तरीके से करेंगे। इस बात से जायसवाल को बहुत सुकून मिला। जब उन्हें पता चला कि वह भारत के लिए खेलने वाले हैं, तो वह पल उनके जीवन का सबसे खास पल था। इससे पहले उन्होंने कभी भारत के लिए नहीं खेला था, इसलिए थोड़ा दबाव भी था, लेकिन रोहित की बातों से उनका डर कम हो गया।

विराट और रोहित के साथ खेलना एक सपना
जायसवाल ने आगे कहा- रोहित भैया के बारे में क्या ही कहूं। मेरे पास शब्द नहीं हैं। वह एक बड़े भाई जैसे हैं। वह सिखाते हैं। मोटिवेट करते हैं और हर खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना किसी सपने से कम नहीं है। इन खिलाड़ियों को करीब से देखकर यह समझ आता है कि वे क्रिकेट को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अपनी तैयारी पर कितना ध्यान देते हैं।
यशस्वी ने आखिर में कहा-सीनियर खिलाड़ी उन्हें यह सिखाते हैं कि भारतीय क्रिकेट सिर्फ एक टीम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। इसे आगे बढ़ाना, इसकी इज्जत बनाए रखना और अपने तरीके से देश के लिए सर्वश्रेष्ठ देना हर खिलाड़ी का फर्ज है।रोहित भैया और बाकी सीनियर खिलाड़ियों से मिली सीख आज भी उनके साथ है। वही बातें उन्हें आगे भी मार्गदर्शन देती रहेंगी और भारतीय क्रिकेट के लिए बेहतर करने की प्रेरणा देती रहेंगी।


