रोहित धुरंधर तो विराट सैयारा: जायसवाल बोले- रोहित की डांट सुने बिना सूना लगता है, वह बड़े भाई की तरह समझाते हैं
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यशस्वी जायसवाल ने रोहित शर्मा को को ‘धुरंधर’ और विराट को सैयारा फिल्म से कनेक्ट किया है।
स्पोर्ट्स डेस्क. टीम इंडिया के ओपनर यशस्वी जायसवाल ने रोहित शर्मा और युजवेंद्र चहल को हालिया हिट फिल्मों के किरदारों से जोड़ा है। उन्होंने रोहित को ‘धुरंधर’ और विराट को सैयारा फिल्म से कनेक्ट किया है। इसके अलावा चहल को बाहुबली करार दिया। यशस्वी ने ये भी बताया कि कैसे रोहित और विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी न सिर्फ खेल में बल्कि इंसानियत में भी जूनियर्स को सही रास्ता दिखाते हैं। एक चैनल के प्रोग्राम में जायसवाल ने यह फनी आंसर दिए।
जायसवाल का रैपिड फायर राउंड
इस इंटरव्यू में एक रैपिड फायर राउंड भी था। इसमें उन्हें कुछ मशहूर फिल्मों के नाम बताए गए और पूछा गया कि इन फिल्मों के हिसाब से कौन-से भारतीय क्रिकेटर फिट बैठते हैं।
बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब आया, जब उनसे रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ का नाम पूछा गया। इस पर यशस्वी का जवाब था- रोहित भैया।
रोहित मस्तमौला
जायसवाल ने बताया कि रोहित की पर्सनैलिटी बेहद खास है। बाहर से वे भले ही शांत, मजाकिया और मस्तमौला नजर आते हों, लेकिन अंदर से उनके पास जबरदस्त पावर और दमखम है। वैसा ही जैसा फिल्म धुरंधर के रणवीर वाले किरदार में देखने को मिलता है। यशस्वी ने कहा कि रोहित की यह छुपी हुई ताकत तभी दिखती है जब टीम को उनकी असली जरूरत होती है।
चहल मेंटली स्ट्रांग
जायसवाल से पूछा गया कि ‘बाहुबली’ का टैग किस प्लेयर को देंगे? जायसवाल थोड़ी देर रुके, फिर मुस्कुराते हुए बोले- चहल भाई। पहले तो सबको लगा कि ये मजाक में कहा गया है, क्योंकि चहल की पतली कद-काठी देखकर कोई भी बाहुबली का किरदार याद नहीं करता। लेकिन यशस्वी ने बताया कि चहल मेंटल स्ट्रेंथ के मामले में सच में बाहुबली हैं। उनमें मानसिक मजबूती, शांत स्वभाव और मैच की सिचुएशन को समझने की काबिलियत है। यही वजह है कि उन्हें मैं बाहुबली कह रहा हूं।
कोहली क्रिकेट स्टार
आखिर में जायसवाल से पूछा गया- सैयारा मूवी का किरदार कौन है? उन्होंने बिना सोचे समझे विराट का नाम लिया। सैयारा का मतलब चमकता हुआ सितारा होता है और विराट का यह कैरेक्टर है।

रोहित भैया की डांट में भी प्यार
रोहित के बारे में यशस्वी ने विस्तार से बताया। कहा- उनके व्यवहार और जूनियर्स के प्रति प्यार की बात ही अलग है। वो अगर डांटते हैं तो उतना ही प्यार भी करते हैं। अगर वो फील्ड पर डांटते हैं तो उसमें भी हमारे लिए ही केयर और फिक्र छुपी होती है। रोहित ऐसे कप्तान और सीनियर हैं जो टीम के हर युवा खिलाड़ी की देखभाल बड़े भाई की तरह करते हैं। अगर कोई गलती करता है, तो वे उसे सुधारने के लिए डांटते हैं, हालांकि बाद में समझाते भी हैं कि आगे कैसे बेहतर करना है।
रोहित- विराट टीम के लिए जरुरी
यशस्वी ने विराट और रोहित के टीम में रोल पर बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि ड्रेसिंग रूम में इन दोनों की मौजूदगी ही जूनियर खिलाड़ियों के लिए मोटिवेशन होती है।
जायसवाल ने कहा- उनकी बातें सुनकर और प्रैक्टिस देखकर उनके जुनून को महसूस किया जा सकता है। इतने में ही आप बहुत कुछ सीख लेते हैं। वो हमें बताते हैं कि किस गलती से बचना है। सिर्फ क्रिकेट में ही नहीं बल्कि जिंदगी में भी ऐसे रहना है।

