खराब फॉर्म के चलते एंग्जायटी हो रही थी: जेमिमा ने कहा- मुझे लगा में काबिल नहीं हूं; अब वर्ल्ड कप में खेल रहीं विनिंग पारी
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जेमिमा रोड्रिग्स ने ऑस्टेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 134 गेंदों में नाबाद 127 रन की पारी खेली। (@BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा बैटर जेमिमा रॉड्रिग्स ने हाल ही में अपनी ज़िंदगी के एक कठिन दौर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे वर्ल्ड कप के दौरान उन्हें बहुत ज्यादा घबराहट (एंग्जायटी) होने लगी थी। इसी दौर से बाहर निकलकर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा कमाल किया कि पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है।
जेमिमा ने टूर्नामेंट की शुरुआत बहुत अच्छे तरीके से नहीं की थी। शुरुआती चार मैचों में उनका परफॉर्मेंस साधारण रहा उन्होंने 0, 32, 0 और 33 रन बनाए। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ मैच में बाहर बैठा दिया। जब कोई खिलाड़ी मेहनत करने के बाद टीम से बाहर होता है, तो उसका आत्मविश्वास हिल जाता है। जेमिमा ने भी कहा कि उस वक्त उन्हें लगने लगा था कि शायद वो इस स्तर पर खेलने के काबिल नहीं हैं।
मुझे एंग्जायटी हो रही थी
जेमिमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उस समय वो अंदर से बहुत परेशान थीं। उन्हें एंग्जायटी हो रही थी, मतलब हर समय दिल घबराना, दिमाग में डर और बेचैनी का होना। उन्होंने कहा कि वो कई बार मैच से पहले अपनी माँ को फोन करती थीं और रोती थीं। उन्हें लगता था कि अब वो अपनी पहचान खो रही हैं।
उन्होंने आगे कहा — जब आप एंग्जायटी से गुजरते हो, तो आपको कुछ समझ नहीं आता। आप बस रोना चाहते हो, खुद को संभाल नहीं पाते। ये बात जेमिमा ने बहुत हिम्मत के साथ सबके सामने कही ताकि जो लोग इसी तरह की समस्या से गुजर रहे हैं, वो समझ सकें कि मदद माँगना ठीक है।
मंधाना-अरुंधति और राधा ने साथ दिया
जेमिमा ने बताया कि इस कठिन समय में उनके परिवार ने उन्हें बहुत सहारा दिया। उनकी माँ-पापा हर वक्त उनके साथ थे। टीम की साथी खिलाड़ी स्मृति मंधाना, अरुंधति रेड्डी और राधा यादव ने भी उनका हौसला बढ़ाया। कभी उनके साथ नेट पर प्रैक्टिस की, कभी बस चुपचाप उनके पास बैठ गईं ताकि उन्हें लगे कि वो अकेली नहीं हैं। जेमिमा कहती हैं, मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मेरे पास ऐसे दोस्त हैं जो परिवार जैसे हैं। उन्होंने मुझे कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया।

127 रन की पारी खेली
इसके बाद जेमिमा ने खुद पर काम किया, मन को शांत किया और जब उन्हें फिर से मौका मिला, तो उन्होंने उसे पूरी तरह भुनाया। पहले उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच विनिंग नाबाद पारी खेली। फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में तो कमाल कर दिया।
उन्होंने 134 गेंदों पर नाबाद 127 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई। उनकी इस पारी के बदौलत भारत ने 339 रन का बड़ा टारगेट हासिल किया। जब जेमिमा ने आखिरी गेंद पर विनिंग शॉट लगाया, तो वो खुद भी इमोशनल हो गईं।

