ब्रिसबेन से लंदन तक टीम इंडिया बेहतरीन: सिद्धू बोले- गंभीर की यंग आर्मी शानदार, विराट-रोहित और अश्विन के बगैर भी जीते
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नवजोत सिंह सिद्ध ने भारत के लिए 51 टेस्ट मैच खेले है। (फोटो क्रेडिट:सोशल मीडिया)
टीम इंडिया ने हाल ही में इंग्लैंड में खेली गई तेंदुलकर-एंडरसन सीरीज को 2-2 की बराबरी पर खत्म किया। इस सीरीज में टीम इंडिया के पास विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे सीनियर प्लेयर नहीं थे। गौतम गंभीर और शुभमन गिल की यंग ब्रिगेड ने शानदार प्रदर्शन किया। अब पूर्व ओपनर नवजोत सिंह सिद्ध ने टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को सराहा है। सिद्धू ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा- टीम इंडिया जब भी थोड़ा सा खराब खेलती है तो लोग सबसे पहले गौतम गंभीर को ही जिम्मेदार बताते हैं। अब जबकि टीम ने इंग्लैंड में इतनी मुश्किल कंडीशन में बराबरी हासिल की है तो क्या अब आप गंभीर को सलाम करेंगे?
गंभीर को यंग टीम पर भरोसा
सिद्धू ने आगे कहा- गंभीर ने इस दौरे से पहले ही यंग प्लेयर्स पर भरोसा जताया था। उन्हें इसे एक मौके की तरह लेने को कहा था। टीम में बड़े नाम शामिल नहीं थे। इसके बावजूद गंभीर ने युवा खिलाड़ियों को सेल्फ कॉन्फिडेंस दिया और आगे बढ़ाया। गंभीर ने वाशिंगटन सुंदर और आकाशदीप जैसे प्लेयर्स को मौका दिया। हालांकि कुछ लोगों का मानना था कि कुलदीप यादव को भी मौका मिलना चाहिए था। गंभीर अपने डिसीजन पर डटे रहे और एक एक्स्ट्रा बैटर को मौका दिया।
हमारे हेड कोच ने हार नहीं मानी
टीम इंडिया और गंभीर के बारे में सिद्ध ने आगे कहा- हीरो की पूजा करते हैं, लेकिन जब कोई मुश्किल वक्त में टीम को संभालता है और उसके फैसले सही साबित होते हैं, तो उसे भी उतनी ही इज्जत मिलनी चाहिए। गंभीर को काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
ब्रिसबेन-पर्थ याद कीजिए
कॉमेडी शोज में बतौर जज का रोल निभा चुके इस पूर्व सांसद ने आगे कहा- ऑस्ट्रेलिया का ब्रिसबेन और पर्थ याद कीजिए। जैसे ऑस्ट्रेलिया में युवा टीम गई थी और गाबा टेस्ट जीती थी। अब वैसे ही इंग्लैंड में यंग प्लेयर्स ने जीत दिलाई। इसमें कोई शक नहीं कि यह क्रेडिट गंभीर को जाता है। उन्होंने यंग टीम को मौका दिया।
सिद्ध का टेस्ट रिकॉर्ड
- मैच : 51
- रन : 3202
- एवरेज: 42.13
- बेस्ट : 201
- सेंचुरी : 9
- फिफ्टी:15

