विलियमसन जेंटलमैन क्रिकेटर: अंपायर अनंतपद्मनाभन बोले- DRS लेने से पहले सॉरी बोलते हैं केन, फिर रिव्यू मांगते हैं
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केन विलियमसन। (AFP)
क्रिकेट में अंपायर की भूमिका काफी अहम होती है। एक समय था जब अंपायर का फैसला ही आखिरी माना जाता था। मगर DRS (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) नियम आने के बाद कप्तानों को भी पावर मिली। अब वे अंपायर के फैसलों को चुनौती देने लगे हैं। मगर इन सबके बीच एक नाम काफी चर्चाओं में देखा गया है।
यह नाम न्यूजीलैंड टीम के कप्तान केन विलियमसन हैं। एक ओर जहां दूसरे कप्तान बगैर देरी किए सीधे डीआरएस लेकर अंपायर के फैसले को चुनौती देते हैं। वहीं विलियमसन का अंदाज कुछ अलग है।
भारतीय अंपायर ने किया खुलासा
वे DRS लेने से ठीक पहले अंपायर को सॉरी बोलते हैं। इसका खुलासा भारतीय अंपायर केएन अनंतपद्मनाभन ने एक मलयालम न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में किया। इस दौरान उनसे पूछा गया कि उनका फेवरेट क्रिकेटर कौन है? इस पर अंपायर ने बगैर पलकें झपकाए तुरंत केन विलियमसन का नाम लिया।
अनंतपद्मनाभन ने बताया कि जब DRS आया तब अंपायर्स के लिए काफी चुनौतियां आईं। किसी टीम के कप्तान को फैसले से आपत्ति होती है तो वो DRS लेता है। मगर विलियमसन जब DRS लेते हैं तो वो अंपायर की तरफ देखकर सबसे पहले उनसे सॉरी कहते हैं।
विलियमसन अंपायर के फैसले को चुनौती तो देना चाहते हैं, लेकिन वह भी माफी मांगने के साथ। वे DRS लेने से ठीक पहले अंपायर से माफी मांगते हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान कहते हैं, 'माफ कीजिए। हम इस पर DRS लेना चाहेंगे।'
भारतीय अंपायर केएन अनंतपद्मनाभन। Photo: BCCI
ऐसा रहा है अनंतपद्मनाभन का करियर
55 साल के अनंतपद्मनाभन ने इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है। उन्होंने 105 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें 2891 रन बनाए। साथ ही लेग स्पिनर अनंतपद्मनाभन ने 344 विकेट भी लिए। उन्होंने 54 लिस्ट-ए मैचों में 87 विकेट लिए और 493 रन बनाए।
उन्होंने 1988 से 2004 तक क्रिकेट खेला। इसके बाद 12 मार्च 2021 को भारत-इंग्लैंड टी20 इंटरनेशनल मैच से अंपायरिंग में डेब्यू किया। अनंतपद्मनाभन ने अब तक 14 वनडे और 30 टी20 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग की है। टेस्ट में उन्हें मौका नहीं मिला।
सहवाग DRS से आउट होने वाले पहले प्लेयर
DRS नियम को 2008 में टेस्ट क्रिकेट में लागू किया गया था। इसके बाद 2011 से वनडे और 2017 से टी20 इंटरनेशनल में भी लागू हुआ। जुलाई 2008 में भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो टेस्ट हुआ था, जिसमें पहली बार DRS लागू किया गया था। वीरेंद्र सहवाग DRS से आउट होने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे।

