पिंक बूट्स क्यों पहन रहे हैं बेस्ट फुटबॉलर : इसकी वजह साइंटिफिक भी है और फैशन भी; हरी घास पर पिंक कि विजिबिलिटी बेहतर, गुलाबी रंग में गर्मी भी कम लगती
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स्पोर्ट्स डेस्क. FIFA वर्ल्ड कप 2026 में कई बड़े फुटबॉलर्स पिंक बूट्स पहनकर मैदान पर उतर रहे हैं। ब्राजील समेत कई टीमों के प्लेयर्स के बूट्स चर्चा में हैं। इसके पीछे सिर्फ फैशन नहीं बल्कि कई और स्पेशल वजह हैं।
कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए

स्पोर्ट्स ब्रांड्स का मानना है कि ब्राइट कलर्स प्लेयर्स का कॉन्फिडेंस बढ़ाते हैं। स्पोर्ट्स साइकोलॉजी के मुताबिक, पिंक जैसे चमकीले रंग प्लेयर्स को ज्यादा तेज और एक्टिव फिल कराते हैं।
मैदान पर ज्यादा विजिबिलिटी

नियॉन पिंक रंग हरी घास के मुकाबले सबसे ज्यादा अलग नजर आता है। इससे प्लेयर अपने टीममेट्स को जल्दी पहचान पाते हैं। पासिंग में मदद मिलती है। टीवी पर भी बूट्स और ब्रांड लोगो ज्यादा साफ दिखाई देते हैं।
फैशन ट्रेंड का इंपैक्ट

फुटवियर कंपनियां फैशन और ट्रेंड फोरकास्टिंग एजेंसियों के साथ काम करती हैं। 2026 की समर सीजन के लिए 'इलेक्ट्रिक पिंक' को ग्लोबल ट्रेंड कलर माना गया था। इसी वजह से कई ब्रांड्स ने पिंक बूट्स लॉन्च किए।
गर्मी से बचाव

ब्लैक जैसे डार्क कलर्स ज्यादा गर्मी एब्जॉर्ब करते हैं। नॉर्थ अमेरिका में खेले जा रहे वर्ल्ड कप के दौरान टेम्परेचर को देखते हुए हल्के और चमकीले रंगों के बूट्स चुने गए। पिंक बूट्स सूरज की रोशनी को ज्यादा रिफ्लेक्ट करते हैं। इससे प्लेयर्स के पैर कूल रहते हैं।

