जडेजा-स्टोक्स हैंडशेक कंट्रोवर्सी पर सुंदर का बयान: कहा- हमें एक स्पार्क चाहिए था, इससे ओवल टेस्ट जीतने में हेल्प मिली
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एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट में वॉशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा नाबाद शतक लगाए थे। (सोशल मीडिया)
शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत 5 टेस्ट की सीरीज खेली, जो 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई। चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा था, जिसमें बेन स्टोक्स और रवींद्र जडेजा के बीच एक विवाद भी हुआ था, जो काफी चर्चा में रहा। स्टोक्स समय से पहले ही खेल खत्म करने लिए हाथ मिलाना चाहा था, लेकिन जडेजा ने ऐसा नहीं किया। इस पर अब वॉशिंगटन सुंदर ने बयान दिया है।
शुरुआती 4 टेस्ट बाद इंग्लैंड टीम सीरीज में 2-1 से आगे थी। आखिरी टेस्ट ओवल में हुआ, जिसे टीम इंडिया ने जीता औऱ सीरीज 2-2 से बराबर की। सुंदर ने कहा कि जडेजा-स्टोक्स विवाद से टीम को एक स्पार्क मिला था। इससे ओवल टेस्ट जीतने में हेल्प मिली।
टीम इंडिया को बूस्ट मिलने वाली बात 100% सही
सुंदर ने विस्डन से कहा- मेरा मानना है कि क्रिकेट में ही नहीं बल्कि हर खेल में इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं। मेरा मतलब है कि खेल ऐसा ही होता है। ये इस तरह की कई चीजें सामने लाता है। ईमानदारी से कहूं तो यह हमारे सबके लिए एक तरह का अनुभव था।
सुंदर ने कहा कि यह 100% सही बात है कि इस विवाद से टीम इंडिया को जीत के लिए एक अलग ही तरह का बूस्ट मिला। उन्होंने कहा- "आप किसी भी प्लेयर से यह बात कहिएगा। आपको यही सुनने को मिलेगा। खासकर टेस्ट क्रिकेट में आप चैलेंज लेना चाहते हो, क्योंकि हर दिन आप यही उम्मीद भी करते हो।"
उन्होंने कहा कि जब स्थिति मुश्किल हो जाती है तो एक ही चीज है, जो आपको इससे निकलने और सफल होने में हेल्प करती है, वह है मन से हार ना मानना रहना।
शतक के लिए जडेजा ने हाथ नहीं मिलाया
दरअसल, चौथे टेस्ट के 5वें दिन आखिरी एक घंटे का खेल बचा था, यानी 15 ओवर और होने थे। भारतीय टीम ने सिर्फ 4 विकेट गंवाए थे और मैच का नतीजा निकलना नामुमकिन सा था। तभी इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने बैटिंग कर रहे जडेजा और सुंदर के सामने हाथ मिलाकर मैच ड्रॉ पर खत्म करने की बात कही।
मगर टीम इंडिया ने ऐसा नहीं किया, क्योंकि जडेजा और सुंदर शतक के करीब थे। वे सेंचुरी पूरी करना चाहते थे। उन्होंने खेल जारी रखा। इस पर स्टोक्स और जडेजा की बहस भी हुई। इंग्लिश कप्तान ने जडेजा से कहा कि क्या तुम ब्रूक, रूट और डकेट की बॉल पर शतक बनाना चाहते हो। फिर स्टोक्स ने पार्ट टाइम बॉलर्स जो रूट और हैरी ब्रूक से गेंदबाजी करवाई।
हालांकि आखिर में जडेजा और सुंदर ने नाबाद शतक लगाए। स्टोक्स की बाद में जमकर आलोचना हुई। यह मामला भी काफी सुर्खियों में रहा। हालांकि मैच के बाद स्टोक्स ने कहा था कि वे तेज गेंदबाजों की चोट को लेकर रिस्क नहीं लेना चाहते थे। मैच का नतीजा नहीं निकलता तो मैंने ड्रॉ पर खत्म करना ही सही समझा। हालांकि यह मैच ड्रॉ पर ही खत्म हुआ।

