सचिन से तुलना पर कोहली खुश नहीं: बोले- मेरे लिए सचिन पाजी हमेशा खास रहेंगे, रिकॉर्ड तोड़ने पर भी मैं उनसे बेहतर नहीं
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27 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में विराट कोहली 139 रन बनाकर नाबाद रहे। (फोटो सोर्स;सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. 15 हजार ODI रन पूरे करने के बाद विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर से अपनी तुलना पर खुलकर बात की और कहा कि सचिन ने क्रिकेट पर जो असर छोड़ा, उसे आंकड़ों से नहीं मापा जा सकता। कोहली ने कहा कि सचिन उनके लिए हमेशा खास रहेंगे और उनके रिकॉर्ड तोड़ने के बावजूद वह खुद को उनसे बेहतर नहीं मानते।
इसी बातचीत में कोहली ने अपने कॅरियर, फिटनेस, युवा खिलाड़ियों, वर्ल्ड कप की तैयारी और शुभमन गिल के साथ बल्लेबाजी को लेकर भी खुलकर बात की।
सचिन से तुलना पर कोहली ने कही दिल की बात
विराट कोहली की तुलना सचिन तेंदुलकर से पिछले कई सालों से होती रही है। कोहली ने एक इंटरव्यू में कहा- 2017 में भी इस तरह की तुलना पर अपनी बात रखी थी। सचिन के लेवल की बराबरी करना उनके लिए आसान नहीं है। करीब 9 साल बाद भी कोहली का नजरिया नहीं बदला है। मेरे लिए सचिन पाजी हमेशा सचिन पाजी रहेंगे। इसी तरह एमएस धोनी हमेशा मेरे पहले कप्तान रहेंगे। ये चीजें मेरे अंदर कभी नहीं बदल सकतीं।”
वह कभी खुद को ऐसी जगह नहीं देखते, जहां उन्हें लगे कि उन्होंने सब कुछ हासिल कर लिया है। उनके मुताबिक, खिलाड़ी को लगातार मेहनत करते रहना चाहिए और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

15 हजार ODI रन पूरे कर कोहली ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले वनडे में विराट कोहली ने अपने वनडे कॅरियर का 55वां शतक लगाया। इसी मैच में उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन भी पूरे कर लिए।कोहली ने यह उपलब्धि सिर्फ 303 पारियों में हासिल की। इसके साथ ही वह वनडे में 15 हजार रन तक पहुंचने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। सचिन तेंदुलकर ने यह मुकाम 377 पारियों में हासिल किया था। यानी कोहली ने सचिन से 74 पारियां कम खेलकर यह आंकड़ा छू लिया।
हालांकि, कोहली के लिए इन रिकॉर्ड्स से ज्यादा जरूरी लगातार अच्छा खेलना है। उन्होंने कहा कि वह रिकॉर्ड और उपलब्धियों के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय अपनी तैयारी और खेल पर ध्यान देना पसंद करते हैं।
रिकॉर्ड से ज्यादा जरूरी है ईमानदारी
कोहली ने मैच के बाद कहा- वह खुद को कभी ऐसा खिलाड़ी नहीं मानते जो यह सोचता हो कि उसने सब कुछ हासिल कर लिया है। उनके मुताबिक, खिलाड़ी के अंदर यह भावना नहीं आनी चाहिए कि वह दूसरों से बेहतर है।अगर कोई खिलाड़ी सिर झुकाकर मेहनत करता रहे, सही तरीके से तैयारी करे और खेल के प्रति ईमानदार रहे तो उसका ध्यान अपने अहंकार पर नहीं, बल्कि अपने प्रदर्शन पर रहता है।
कोहली ने आगे कहा- सचिन ने अपने समय में क्रिकेट को नई दिशा दी थी। उनके मुताबिक, सचिन का लोगों पर जो प्रभाव पड़ा, वह किसी रिकॉर्ड या आंकड़े से कहीं बड़ा है और उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

लोगों की नजर में विराट और खुद की नजर में विराट में फर्क
कोहली ने यह भी बताया कि लोग उन्हें जिस नजर से देखते हैं, वह खुद को उस नजर से नहीं देखते। उन्होंने कहा कि फैंस उन्हें उनके प्रदर्शन और क्रिकेट के सफर के जरिए जानते हैं, जबकि वह खुद जानते हैं कि वह कहां से आए हैं और उनका सफर कैसा रहा है। जब कोई फैन उन्हें बहुत प्यार और सम्मान के साथ देखता है तो वह उसकी भावनाओं की कद्र करते हैं, लेकिन खुद को लेकर उनकी सोच अलग है। उनके मुताबिक, इंसान चाहे कितनी भी सफलता हासिल कर ले, उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि उसने शुरुआत कहां से की थी।
इन आंकड़ों और रिकॉर्ड्स को लेकर बहुत ज्यादा सोचने की कोशिश नहीं की। उनका ध्यान हमेशा टीम के लिए अपना काम करने और मैदान पर अपना बेस्ट देने पर रहा है।
उन्होंने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें भारत के लिए खेलने और इतने बड़े मंच पर देश के लिए खेलने का मौका मिला कोहली के मुताबिक, इस सफर के लिए उनके मन में सबसे ज्यादा शुक्रगुजार होने की भावना है।
उन्होंने कहा कि खेल में आगे बढ़ने के लिए मानसिक रूप से तरोताजा रहना बहुत जरूरी है। उनके लिए सिर्फ ज्यादा प्रैक्टिस करना ही काफी नहीं है, बल्कि दिमाग को फ्रेश रखना और मैदान पर सही सोच के साथ उतरना भी उतना ही जरूरी है।

फिटनेस और मानसिक मजबूती को लेकर भी बोले कोहली
कोहली ने कहा -उम्र और कॅरियर के इस पड़ाव पर खुद को चुनौती देते रहना जरूरी है। वह अपने खेल में एक-दो गियर और बढ़ाने की चुनौती को पसंद कर रहे हैं। जब शरीर फिट रहता है तो खिलाड़ी अपने खेल को ज्यादा आजादी के साथ खेल सकता है। फिटनेस उन्हें मैदान पर अपनी बल्लेबाजी को बेहतर तरीके से समझने और उसी हिसाब से खेलने में मदद करती है।
युवा खिलाड़ियों को भी यह याद रखना चाहिए कि उन्होंने क्रिकेट खेलना क्यों शुरू किया था। उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी मैदान पर उसी प्यार के साथ खेले जिसके साथ उसने शुरुआत की थी, तो उसके अंदर सकारात्मक सोच बनी रहती है और वह जोखिम लेने से भी नहीं डरता।
वर्ल्ड कप को लेकर कोहली का फोकस साफ
कोहली ने अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप को लेकर भी अपनी सोच बताई। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हर मैच में टीम के लिए अपना योगदान देना और खुद को पूरी तरह फिट रखना है।उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो आखिरी 15 ओवर में बाउंड्री से बाउंड्री तक दौड़ना हो या इनर रिंग में फील्डिंग करनी हो, वह मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ रहना चाहते हैं।
कोहली ने कहा कि वह हर मौके का मजा लेना चाहते हैं और खुद से सकारात्मक तरीके से खेलने का वादा कर चुके हैं। हालांकि, इसके साथ वह लापरवाही नहीं करना चाहते और अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान बनाए रखेंगे।

गिल के साथ बल्लेबाजी पर क्या बोले कोहली?
शुभमन गिल के साथ बल्लेबाजी को लेकर कोहली ने कहा कि उनके लिए गिल के साथ खेलना आसान है, क्योंकि गिल खेल को अच्छी तरह समझते हैं। गिल भारतीय टीम की कप्तानी भी कर रहे हैं और कोहली के मुताबिक, उनके पास खेल को समझने का सही नजरिया है। कोहली ने गिल को दुनिया का नंबर-1 वनडे बल्लेबाज और बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी बताया।
उन्होंने कहा कि दोनों के बीच बल्लेबाजी के दौरान ज्यादा बातचीत की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि दोनों जानते हैं कि मैदान पर किस स्थिति में क्या करना है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अनुभव के आधार पर गिल से बात कर सकते हैं कि किन क्षेत्रों में रन बनाए जा सकते हैं, लेकिन गिल को ज्यादा कुछ समझाने की जरूरत नहीं है। वह खुद जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। कोहली ने यह भी कहा कि फील्डिंग के दौरान अगर गिल को उनकी मदद की जरूरत होगी तो वह हमेशा उनके लिए मौजूद रहेंगे।

