विराट-रोहित के बाद नया दौर: गिल-यशस्वी बन सकते हैं टेस्ट क्रिकेट में भारत की पहचान; ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर में सॉलिड ऑप्शन
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टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली और रोहित शर्मा का ऐरा मई 2025 में ही खत्म हो गया था। दोनों ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंंट ले लिया। ऐसे में दिग्गजों और फैन्स को बेहद निराशा हुई। कोहली और रोहित का ऐरा खत्म होने के बाद उनकी जगह कौन लेगा? यह सवाल सभी के मन में था।
जून 2025 से इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया को 5 टेस्ट की सीरीज खेलनी थी। इसके लिए शुभमन गिल को कप्तानी दी गई। ओपनिंग की जिम्मेदारी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल के कंधों पर रही।
इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में गिल ने 4 शतक लगाए
सीरीज की शुरुआत होते ही गिल ने कोहली और यशस्वी ने रोहित की कमी को पूरा करने का काम किया। गिल ने चौथे नंबर पर मोर्चा संभाला और एक डबल सेंचुरी भी लगाई। सीरीज खत्म होते-होते गिल-यशस्वी ने साबित कर दिया कि वे आगे भी टेस्ट क्रिकेट में कोहली और रोहित की कमी महसूस नहीं होने देंगे।
यह दोनों टेस्ट क्रिकेट में भारत के नए चेहरे बनने को तैयार हैं। गिल ने पहले टेस्ट में 147 रन की पारी खेली। दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में शतक (269, 161) लगाए। तीसरे टेस्ट में खास नहीं कर सके, लेकिन गिल ने चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में 103 रन बनाए। सीरीज में 754 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
यशस्वी ने सीरीज की शुरुआत और अंत दोनों शतक से किए
दूसरी ओर यशस्वी ने 10 पारियो में 411 रन बनाए। उन्होंने 2 सेंचुरी और 2 फिफ्टी लगाईं। यशस्वी ने सीरीज की शुरुआत और अंत दोनों शतक से किए। उन्होंने पहले ही टेस्ट की पहली पारी में शतक (101) लगाया था। दूसरी सेंचुरी आखिरी टेस्ट की दूसरी पारी में लगाई। इस तरह रोहित और कोहली की तरह यशस्वी ने ओपनिंग और गिल ने मिडिल ऑर्डर में मोर्चा संभाला।
गिल ओपनर हैं, लेकिन कई मौकों पर तीसरे नंबर पर भी बैटिंग की है। मगर कप्तान बनते ही वे चौथे नंबर पर उतरने लगे। टीम इंडिया के पास यह टेस्ट सीरीज जीतने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एंडरसन-सचिन ट्रॉफी 2-2 से ड्रॉ रही।
कोहली और गिल में एक और समानता
बतौर प्लेयर कोहली का टेस्ट औसत बेहद कम था, लेकिन कप्तान बनते ही उनका एवरेज तेजी से बढ़ा। ऐसा ही कुछ गिल के साथ हुआ है। कोहली दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में टेस्ट कप्तान बने थे। इससे पहले उनका एवरेज 39.46 था।
सीरीज के बाद औसत 46.30 पहुंच गया था। गिल का भी यही हाल है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले उनका बैटिंग एवरेज 35.05 था। सीरीज के बाद 41.35 हो गया है। गिल ने कॅरियर की पहली टेस्ट डबल सेंचुरी भी कप्तान बनने के बाद ही लगाई।

