2027 वर्ल्ड कप से पहले कोहली का अल्टीमेटम: कहा- जरूरत होगी तो खेलूंगा, जहां बार-बार खुद को साबित करना पड़े, वहां मेरी जगह नहीं
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विराट कोहली ने पिछले साल वनडे में 13 पारियों में 651 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 65.10 और स्ट्राइक रेट 96.10 रहा। इस दौरान उन्होंने 3 शतक और 4 अर्धशतक लगाए।
स्पोर्ट्स डेस्क. IPL के बीच विराट कोहली ने RCB के पाॅडकास्ट में अपने फ्यूचर, 2027 ODI वर्ल्ड कप और भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी के दौर को लेकर खुलकर बात की। विराट ने 2027 वर्ल्ड कप को लेकर इशारों में BCCI, सिलेक्शन कमेटी और टीम मैनेजमेंट को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि टीम इंडिया को जरूरत होगी तो वे जरूर खेलेंगे, लेकिन वे बार-बार खुद को साबित नहीं करेंगे। कोहली ने अपने टेस्ट कप्तानी दौर को भारतीय क्रिकेट का गोल्डन एरा बताया।
अब सिर्फ क्रिकेट को एन्जॉय करना है
जब 2027 वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर सवाल किया गया तो विराट ने कहा- मैं अपनी तैयारी और मेहनत को लेकर पूरी तरह ईमानदार हूं। मैं साल भर मेहनत करता हूं। अगर मुझे कहा जाए कि 50 ओवर मैदान पर दौड़ना है, मैं बिना शिकायत ऐसा करूंगा। लेकिन इतना सब करने के बाद अगर मुझे खुद को बार-बार साबित करना पड़े, तो वहां मेरी जगह नहीं है।
फिलहाल विराट अभी IPL खेल रहै है। इस सीजन में 12 मैच में 484 रन बना लिए है। IPL खत्म होने के बाद विराट 14 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज में खेलते नजर आ सकते हैं।

ऐसा लगा जैसे फिर से बच्चे बन गए हों
विराट ने बताया कि अब सिर्फ गेम को एंजॉय करते हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली के लिए खेलने के अनुभव को याद करते हुए कहा- वहां खेलते समय मुझे ऐसा लगा जैसे फिर से बच्चे बन गए हों। मैं सिर्फ बैटिंग एंजॉय करना चाहता था। मुझे किसी को कुछ साबित नहीं करना था।
विराट ने आगे कहा- प्लेयर के साथ ईमानदारी वाली बातचीत होनी चाहिए। अगर किसी खिलाड़ी पर भरोसा है, तो बार-बार उसके प्रदर्शन पर सवाल नहीं उठने चाहिए। उन्होंने इसकी तुलना आम नौकरी से करते हुए कहा एक हफ्ते तारीफ और अगले हफ्ते सवाल उठाना सही नहीं है।
टीम स्पिरिट ही हमारी सबसे बड़ी ताकत थी
विराट ने अपने कप्तानी के दौर को याद करते हुए भारतीय टेस्ट टीम की सफलता का राज भी बताया। उन्होंने कहा कि उस समय टीम में ज्यादातर खिलाड़ी लगभग एक ही उम्र के थे। सभी जिम्मेदारी लेकर खेलते थे। चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन और मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी टीम की रीढ़ बने।
विराट ने आखिर में कहा- हम सब दोस्त जैसे थे। ऐसा नहीं था कि सिर्फ सीनियर खिलाड़ी टीम संभालेंगे। हर खिलाड़ी सोचता था कि टीम को बेहतर बनाने के लिए वह क्या कर सकता है। यही टीम स्पिरिट हमारी सबसे बड़ी ताकत थी।

कोहली ने पिछले साल वनडे में 13 पारियों में 651 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 65.10 और स्ट्राइक रेट 96.10 रहा। इस दौरान उन्होंने 3 शतक और 4 अर्धशतक लगाए।
विराट का ODI रिकॉर्ड
कोहली ने अब तक 311 वनडे की 299 पारियों में 14,797 रन बनाए हैं। उनका औसत 58.71 और स्ट्राइक रेट 93.82 का रहा है। इस दौरान उन्होंने 54 शतक और 77 अर्धशतक लगाए हैं।

