US Open 2026 : ₹ 1,033 करोड़ टोटल प्राइज मनी, चैंपियन को 52.6 करोड़; टूर्नामेंट से पहले हर जानकारी आपके लिए
Published:
5 min read

आज जिस टूर्नामेंट को US Open के नाम से जाना जाता है, उसकी शुरुआत 1881 में हुई थी। उस समय इसका नाम US Open नहीं, बल्कि U.S. National Championship था।
स्पोर्ट्स डेस्क. US Open यानी साल का आखिरी ग्रैंड स्लैम। इस साल यह 23 अगस्त से 13 सितंबर तक खेला जाएगा। इस बार टूर्नामेंट में रिकॉर्ड 10.8 करोड़ डॉलर यानी करीब 1,033.6 करोड़ की इनामी राशि दांव पर होगी।
मैंस और वुमन्स सिंगल्स कैटेगरी के हर चैंपियन को 55 लाख डॉलर यानी करीब 52.6 करोड़ रुपए मिलेंगे। पहले दौर में हारने वाले खिलाड़ियों को भी 1.4 लाख डॉलर यानी करीब 1.34 करोड़ मिलेंगे।
US Open 2026: नॉलेज गाइड
US Open 2026 का आयोजन न्यूयॉर्क के USTA Billie Jean King National Tennis Center में होगा। Fan Week और क्वालिफाइंग मुकाबले 23 से 27 अगस्त तक खेले जाएंगे।
मिक्स्ड डबल्स चैंपियनशिप 24 से 26 अगस्त तक होगी। इसके बाद सिंगल्स और डबल्स मुकाबले 30 अगस्त से 13 सितंबर तक चलेंगे।
महिला सिंगल्स का फाइनल 12 सितंबर को होगा। वहीं, मैंस सिंगल्स फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा।

इस साल 20% ज्यादा प्राइज मनी (US Open Prize Money 2026)
US Open ने इस साल कुल प्राइज मनी में करीब 20% की बढ़ोतरी की है। सिंगल्स विनर की प्राइज मनी भी पिछले साल के मुकाबले 5 लाख डॉलर बढ़ाकर 55 लाख डॉलर कर दी गई है। चलिए, यहां इस साल सीजन की प्राइज लिस्ट जान लेते हैं..पहले दौर की प्राइज मनी में भी करीब 30 हजार डॉलर यानी 28.7 लाख की बढ़ोतरी हुई है। यह पिछले साल से लगभग 27% ज्यादा है।

19 करोड़ एडवांस फंड क्यों
प्राइज मनी बढ़ाने के साथ-साथ US Open ने प्लेयर्स वेलफेयर और पेंशन से जुड़े फायदों के लिए… 20 लाख डॉलर यानी करीब 19 करोड़ रुपये का अलग फंड भी बनाया है। प्लेयर्स इससे खुश हैं। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी मांग अब भी यही है कि ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट की कमाई में खिलाड़ियों को तय हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

चारों ग्रैंड स्लैम बनाएंगे प्लेयर एडवाइजरी काउंसिल
US Open 2026 से पहले चारों ग्रैंड स्लैम ने खिलाड़ियों की बात को ज्यादा अहमियत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। चारों टूर्नामेंट मिलकर ग्रैंड स्लैम प्लेयर एडवाइजरी काउंसिल बनाएंगे।
इस काउंसिल में खिलाड़ी प्राइज मनी, सुविधाओं और दूसरे जरूरी मुद्दों को लेकर सीधे अपनी बात रख सकेंगे। इस पर बातचीत जारी है। जल्द फैसले की उम्मीद है।
रेवेन्यू शेयरिंग की मांग
रिकॉर्ड प्राइज मनी के बावजूद खिलाड़ियों की रेवेन्यू शेयरिंग की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खिलाड़ी चाहते हैं कि ग्रैंड स्लैम अपनी कमाई का एक तय हिस्सा पुरस्कार राशि के तौर पर दें।
उनकी मांग है कि ग्रैंड स्लैम अपनी कमाई का 16% हिस्सा प्राइज मनी के लिए रखें और 2030 तक इसे बढ़ाकर 22% किया जाए। इस मामले में US Open कितना आगे बढ़ा है, इसकी तस्वीर टूर्नामेंट से पहले आने वाली रिपोर्ट के बाद और साफ हो सकती है।

1881 से अब तक: US Open के इतिहास पर ब्रीफ समरी
- US Open का इतिहास 1881 से शुरू होता है। तब इसे U.S. National Championship के नाम से रोड आइलैंड के न्यूपोर्ट कैसीनो में खेला गया था।
- उस दौरान सिर्फ मैंस की सिंगल्स इवेंट होते थे।
- 1887 में महिला सिंगल्स को भी टूर्नामेंट में शामिल किया गया।
- 1968 में Open Era की शुरुआत के बाद प्रोफेशनल और अमैच्योर को एक ही मुकाबले में खेलने की अनुमति मिली। टूर्नामेंट को US Open के नाम से नई पहचान मिली।
- 1978 में US Open को फ्लैशिंग मेडोज यानी नए कोर्ट एरिना में फिक्स कर दिया गया।

US Open की कोर्ट सॉइल भी बदली
आज US Open हार्ड कोर्ट के लिए जाना जाता है, लेकिन शुरुआत से यहां हार्ड कोर्ट नहीं था। हार्ड कोर्ट का मतलब है सख्त जमीन वाला कोर्ट। ये आमतौर पर काली और लाल मिट्टी से बनता था।
टूर्नामेंट की शुरुआत घास के कोर्ट (US Open on Grass Court) से हुई थी।
इसके बाद 1975 से 1977 तक क्ले कोर्ट पर मुकाबले खेले गए। क्ले कोर्ट भी मिट्टी से ही तैयार किए जाते थे। हालांकि, वो बहुत ज्यादा सख्त नहीं होते थे।
1978 से टूर्नामेंट को हार्ड कोर्ट को ही फिक्स कर दिया गया।
1973 में बराबर प्राइज मनी देने वाला पहला ग्रैंड स्लैम
US Open ने टेनिस में बराबरी की दिशा में भी अहम कदम उठाया। 1973 में यह पहला ग्रैंड स्लैम बना, जिसने मैंस और वुमन्स को बराबर इनामी राशि दी।
1984 में टूर्नामेंट में 'Super Saturday' का दौर शुरू हुआ, जिसमें मेंस के दोनों सेमीफाइनल और महिला सिंगल्स फाइनल एक ही दिन खेले जाते थे। इससे US Open का यह दिन टेनिस कैलेंडर के सबसे खास दिनों में शामिल हो गया।

