वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप: जैवलीन थ्रो में नीरज चोपड़ा हारे; भारत के ही सचिन यादव उनसे आगे, लेकिन मेडल नहीं जीत सके; पाक के अरशद नदीम 10वें नंबर पर
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नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार आमने-सामने थे। (फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क: टोक्यो वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के जैवलीन थ्रो फाइनल में डिफेंडिंग चैम्पियन नीरज चोपड़ा हार गए। नीरज चोपड़ा का लॉन्गेस्ट थ्रो 84.03 मीटर रहा। वे 8वें नंबर पर रहे। 7 साल में पहली बार नीरज चोपड़ा किसी इवेंट से बिना मेडल वापस आएंगे।
फाइनल में त्रिनिदाद और टोबैगो के केशॉर्न वालकॉट ने गोल्ड जीता। उनका लॉन्गेस्ट थ्रो 88.16 मीटर रहा। पेरिस ओलंपिक 2024 के गोल्ड मेडलिस्ट अरशद नदीम 10वें नंबर पर रहे। वे 82.75 मीटर दूर ही भाला फेंक पाए।
टॉप-3 मेडलिस्ट पर नजर
गोल्ड- केशॉर्न वालकॉट (त्रिनिदाद एंड टोबैगो) 88.16 मीटर
सिल्वर- एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा) 87.38 मीटर
ब्रॉन्ज- कर्टिस थॉम्पसन (USA) 86.67 मीटर
चौथे नंबर पर भारत के सचिन यादव
जैवलिन थ्रो इवेंट में भारत के सचिन यादव ने अपने ही देश के ओलपिंक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को पीछे कर दिया। सचिन ने 86.27 मीटर दूर भाला फेंका। वे चौथे नंबर पर रहे और चंद मीटर की दूरी से ब्रॉन्ज मेडल नहीं जीत सके।
नीरज और अरशद समेत फाइनल में कुल 12 एथलीट थे। यह मैच भारतीय समय के हिसाब से 3.53 बजे से शुरू हुआ। 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार नीरज और अरशद आमने-सामने थे। इस ओलंपिक में अरशद ने 92.97 मीटर का थ्रो कर गोल्ड जीता था। नीरज ने 89.45 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता था।
भारत पहली बार इस कॉम्पिटिशन में चार एथलीट्स के साथ उतरा था। इसमें नीरज चोपड़ा, रोहित यादव, यशवीर सिंह और सचिन यादव शामिल रहे। किसी भी देश की यह सबसे बड़ी भागीदारी है। चोपड़ा को बतौर डिफेंडिंग चैम्पियन सीधे एंट्री मिली थी, जबकि बाकी के तीनों खिलाड़ियों ने वर्ल्ड रैंकिंग के हिसाब से क्वालीफाई किया था।
हालांकि फाइनल के लिए नीरज के अलावा सचिन यादव ने भी क्वालिफाई कर लिया था। रोहित और यशवीर क्वालिफाई नहीं कर सके। इस तरह फाइनल में भारत के पास 2 मेडल जीतने के चांस थे। लेकिन, दोनों प्लेयर्स जीतने में नाकाम साबित हुए।

