जीत का तिलक लगाकर उतरे थे तिलक वर्मा: एनालिसिस- टीम को मुश्किल से निकालकर एशिया का चैंपियन बनाया; स्पिनर्स ने पाक बैटिंग लाइनअप की कमर तोड़ी
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भारत ने रविवार रात दुबई में खेले गए एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया। इस मैच में तिलक वर्मा ने मैच विनिंग इनिंग खेली। फोटो क्रेडिट- सोनी लिव
स्पोर्ट्स डेस्क: तिलक वर्मा- ये नाम पाकिस्तानी टीम कई साल तक याद रखेगी। एशिया कप फाइनल से पहले पाक टीम के अंदर अभिषेक शर्मा का खौफ था। लेकिन, तिलक वर्मा आउट ऑफ सिलेबस आए।
147 रन का टारगेट हासिल करने उतरी टीम इंडिया इस टूर्नामेंट में पहली बार दबाव में दिखी। पाकिस्तान के खिलाफ पिछले दोनों मैच को एकतरफा कर देने वाले अभिषेक शर्मा सस्ते में आउट हो गए। एक वक्त पर टीम इंडिया 20 रन पर 3 विकेट गंवाकर स्ट्रगल कर रही थी। लेकिन, जीत का 'तिलक' लगाकर उतरे तिलक वर्मा ने 53 बॉल पर 69 रन की पारी खेलकर भारत को 9वीं बार एशिया का चैंपियन बना दिया।
20 रन पर 3 विकेट गंवाकर मुश्किल में थी टीम इंडिया
इंडियन ओपनर्स का फॉर्म देखकर लग रहा था कि टीम 147 रन का लक्ष्य आसानी से पूरा कर लेगी। हालांकि, इनफॉर्म बैटर अभिषेक शर्मा दूसरे ओवर में सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। फैंस भी आशंका जता रहे थे कि अभिषेक का एक खराब दिन आ सकता है। वो खराब दिन फाइनल में ही आ गया।
अभिषेक के आउट होने के बाद कप्तान सूर्या भी एक रन बनाकर चलते बने। उनका खराब फॉर्म फाइनल में जारी रहा। इसके बाद शुभमन गिल भी 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 20 रन के स्कोर पर 3 विकेट देखकर भारतीय फैंस की धड़कनें बढ़ गई थीं। हालांकि, तिलक वर्मा कुछ और ही सोचकर आए थे।
संजू और दुबे के साथ तिलक की अहम पार्टनरशिप
तिलक वर्मा ने चौथे विकेट के लिए संजू सैमसन के साथ 57 रनों की पार्टनरशिप की। संजू ने 24 रन की छोटी लेकिन अहम पारी खेली। इसके बाद तिलक ने पांचवें विकेट के लिए शिवम दुबे के साथ 60 रन की साझेदारी की।
हार्दिक पंड्या इंजरी की वजह से फाइनल मुकाबले से बाहर थे। लेकिन, शिवम दुबे ने उनकी कमी महसूस नहीं होने दी। पहले बॉलिंग और फिर बैटिंग में वे पाकिस्तान को गेम से दूर ले गए। दुबे ने 150 के स्ट्राइक रेट से 33 रनों की पारी खेली। फिर बॉलिंग में भी 3 ओवर में सिर्फ 23 रन दिए।
भारत के लिए हारिस रऊफ का ओवर टर्निंग पॉइंट
भारत के लिए बड़बोले पाकिस्तानी पेसर हारिस रऊफ का 15वां ओवर टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस ओवर के पहले तक जरूरी रन रेट 10 के पार चला गया था। इंडिया को एक बड़े ओवर की जरूरत थी। इस ओवर की पहली बॉल पर दुबे ने चौका लगा दिया। फिर तिलक ने तीसरी और पांचवीं बॉल पर एक चौका और छक्का जड़ दिया। इस ओवर में टोटल 17 रन बने। जरूरी रनरेट घटकर 8 के आस-पास आ गया। अबरार और शाहीन ने 16वां और 17वां ओवर डाला। शाहीन ने 17वें ओवर में सिर्फ 6 रन दिए।
फहीम अशरफ ने इंजरी दिखाकर खेल को रोकना चाहा
अंतिम तीन ओवर में भारत को 30 रन चाहिए थे। तिलक और दुबे क्रीज पर थे। 18वां ओवर फिर हारिस रऊफ को मिला। इस बार उनके सामने 2022 टी-20 वर्ल्ड कप वाले विराट कोहली नहीं थे, फिर भी उनकी पिटाई जारी रही। इस ओवर में भी दोनों बल्लेबाजों ने 13 रन कूट दिए।
लास्ट दो ओवर में भारत को 17 रन चाहिए थे। 19वां ओवर फहीम अशरफ करने आए। हालांकि, बॉलिंग करने से पहले उनकी अदाकारियां शुरू हो गईं। उन्होंने इंजरी दिखाकर 5 मिनट एक्स्ट्रा टाइम ले लिया। उन्हें लगा कि इससे इंडियन बैटर्स का मोमेंटम हिल जाएगा। कुछ हद तक फहीम इस ट्रिक में कामयाब भी रहे। उन्होंने इस ओवर में सिर्फ 7 रन दिए। छक्का मारने के प्रयास में शिवम दुबे ओवर की अंतिम बॉल पर आउट हो गए। एक तरह से मैच में एंटी क्लाईमैक्स आ गया।
अंतिम ओवर में चाहिए थे 10 रन
टीम इंडिया को मैच जीतने के लिए अंतिम 6 बॉल पर 10 रन की जरूरत थी। गेंद फिर हारिस रऊफ के पास थी। पहली गेंद पर तिलक ने 2 रन लिए जबकि दूसरी पर छक्का जड़ दिया। अब रह गए 4 में 2 रन। तिलक ने तीसरी बॉल पर सिंगल लिया।
अब स्ट्राइक पर इस एशिया कप का पहला मैच खेल रहे रिंकू सिंह थे। 3 गेंद में 1 रन की जरूरत थी। रिंकू ने चौथी डिलीवरी पर चौका मारते हुए स्टाइल में गेम खत्म कर दिया। भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर 9वीं बार एशिया कप का खिताब जीत लिया। मैदान पर जेट गिराने का जेस्चर दिखाने वाले हारिस रऊफ ने 3.4 ओवर में 50 रन दे दिए। कोई विकेट भी हासिल नहीं कर सके।
अब बात करते हैं भारत की बॉलिंग की
भारत ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को बैटिंग करने बुलाया। भारत के लिए पार्ट टाइमर शिवम दुबे ने बॉलिंग की शुरुआत की। साहिबजादा फरहान और फखर जमां ने पाक को अच्छी शुरुआत दी। पावरप्ले के बाद पाकिस्तान ने बिना विकेट खोए 45 रन बना दिए। साहिबजादा फरहान ने 35 बॉल पर हाफ सेेंचुरी पूरी की। 84 रन पर पाकिस्तान को पहला झटका लगा। वरुण चक्रवर्ती ने 10वें ओवर में फरहान को पवेलियन भेज दिया।
मिडिल ओवर्स में ढह गई पाकिस्तानी टीम
एक वक्त पर पाकिस्तान ने 12.4 ओवर में सिर्फ एक विकेट के नुकसान पर 113 रन बना लिए थे। हालांकि, इसके बाद अगले 7 ओवर के अंदर पूरी टीम 146 रन पर ऑल आउट हो गई। उन्होंने सिर्फ 33 रन के अंदर 9 विकेट गंवा दिए।
इसमें सबसे बड़ा रोल टीम के स्पिनर्स कुलदीप यादव, अक्षर यादव और वरुण चक्रवर्ती का रहा। तीनों ने मिलकर 8 विकेट लिए। कुलदीप ने 16वें ओवर में तीन विकेट लेकर पाकिस्तानी बैटिंग लाइनअप की कमर तोड़ दी। कुलदीप ने पहले दो ओवर में 23 खर्च कर दिए थे। इसके बाद शानदार कमबैक करते हुए अगले दो ओवर्स में 7 रन देकर 4 विकेट झटके। उन्होंने 3 विकेट तो एक ही ओवर में निकाल दिए।
इसके बाद बची-खुची कसर डेथ ओवर्स में बुमराह ने पूरी कर दी। उन्होंने 2 विकेट लिए। एक वक्त पर बड़े टोटल की तरफ बढ़ रही पाकिस्तान सिर्फ 146 रन पर सिमट गई।
मिडिल ओवर्स में भारत के स्पिनर्स ने पाकिस्तान को आगे ही नहीं बढ़ने दिया। भारत को इसका फायदा चेज करते हुए मिला। अगर पाक 20 या 30 रन और बना देता तो टीम इंडिया के लिए मुश्किलात हो सकती थी।
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