भारत के 7 फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर: कपिल ने ODI वर्ल्ड कप भी जिताया, पठान समेत 3 के नाम हैट्रिक; अब टीम में इस तरह के प्लेयर्स नहीं
Published:
4 min read

इरफान पठान ने 29 टेस्ट, 120 वनडे और 24 T20I मैच खेले। कपिल देव ने 356 इंटरनेशनल मैच में 687 विकेट लिए। (फाइल)
भारतीय टीम ने हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर 5 टेस्ट की सीरीज 2-2 से ड्रॉ खेली है। इस दौरान टीम इंडिया को फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की कमी काफी खली। नीतीश कुमार रेड्डी ने इस सीरीज में 2 टेस्ट खेले थे, जिसमें 3 विकेट लिए और 45 रन बनाए। तीसरे टेस्ट में चोटिल हुए और सीरीज से बाहर हो गए। तब टीम ने शार्दुल ठाकुर से उम्मीदें लगाईं, लेकिन वे भी खरे नहीं उतरे।
भारतीय टीम में फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर हार्दिक पंड्या भी हैं, लेकिन वे टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते। पंड्या को कमर और पीठ की गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें स्पाइन सर्जरी भी करानी पड़ी थी। टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज को लंबे स्पैल करने होते हैं, जो पंड्या के लिए मुमकिन नहीं है। उन्हें चोट का डर बना रहेगा। पंड्या ने 2023 में कहा था- "जब तक मैं 100% फिट नहीं होता, टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलूंगा। मैं टीम के लिए बोझ नहीं बनना चाहता।"
सौरव गांगुली सबसे सफल कप्तान रहे
भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई बड़े फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर रहे हैं। इनमें कपिल देव का नाम सबसे पहले आता है। कपिल ने तो अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को एक वनडे वर्ल्ड कप भी जिताया है।
कपिल के अलावा भी भारतीय टीम को 6 और फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर मिले हैं। हालांकि वे कपिल की तरह जलवा नहीं दिखा सके। हम ऐसे 7 भारतीय ऐसे ऑलराउंडर्स की बात कर रहे हैं, जिन्होंने कॅरियर में कम से कम एक इंटरनेशनल शतक लगाया हो। साथ ही तेज गेंदबाजी में 70 या उससे ज्यादा इंटरनेशनल विकेट भी लिए हों।
इंटरनेशनल क्रिकेट मतलब तीनों फॉर्मेट टेस्ट, वनडे, टी20 से है। इन 7 ऑलराउंडर्स में से तीन ने तो किसी ना किसी फॉर्मेट में कप्तानी भी की है। सौरव गांगुली सबसे सफल कप्तान रहे। उन्होंने बतौर खिलाड़ी 421 मैच खेले।

गांगुली की कप्तानी में वर्ल्ड कप फाइनल खेले
गांगुली बैटिंग ऑलराउंडर थे। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 18433 रन बनाए और 132 विकेट लिए। इस दौरान 38 शतक भी लगाए। इन सातों में सबसे ज्यादा विकेट कपिल देव के हैं। वे बॉलिंग ऑलराउंडर थे। कपिल ने 356 मैच में 687 इंटरनेशनल विकेट लिए। उन्होंने 9031 रन बनाए और 9 शतक भी लगाए।
कपिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने 1983 का वनडे वर्ल्ड कप भी जीता है। तब टीम इंडिया को अंडरडॉग समझा जाता था, लेकिन कपिल ने लड़ना और जीतना सिखाया। इस परंपरा को दादा कहे जाने वाले गांगुली ने आगे बढ़ाया। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम 2003 के वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। हालांकि यहां ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा।
6 ऑलराउंडर्स ने लिया संन्यास, पंड्या ही एक्टिव
इन सभी 7 हरफनमौला क्रिकेटर्स में से 6 ने संन्यास ले लिया है। सिर्फ हार्दिक पंड्या ही एक्टिव प्लेयर हैं। 31 साल के पंड्या ने 200 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं। उन्होंने वनडे और टी20 फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी संभाली है। इस लिस्ट में कपिल और गांगुली के बाद पंड्या ही तीसरे कप्तान हैं।
सातों ऑलराउंडर्स में अकेले मोहिंदर अमरनाथ हैं, जिन्होंने 100 से कम विकेट लिए हैं। जबकि चेतन शर्मा अकेले प्लेयर हैं, जिन्होंने 100 से कम इंटरनेशनल मैच खेले। साथ ही हजार से कम रन बनाए।
चेतन, कपिल और पठान ले चुके इंटरनेशनल हैट्रिक
चेतन शर्मा के नाम गेंदबाजी में एक ऐतिहासिक अटूट रिकॉर्ड दर्ज है। वे इंटरनेशनल क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं। उन्होंने 1987 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह हैट्रिक ली थी। उनके अलावा ऑलराउंडर्स की इस लिस्ट में शामिल कपिल देव और इरफान पठान भी हैट्रिक ले चुके हैं।
कपिल ने 1991 में श्रीलंका के खिलाफ एक वनडे मैच में हैट्रिक ली थी। जबकि पठान ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट फॉर्मेट में हैट्रिक ली है। उन्होंने जनवरी 2006 में हुए कराची टेस्ट के पहले ही ओवर में सलमान बट्ट, यूनिस खान और मोहम्मद यूसुफ को आउट किया था।

