टीम इंडिया ने ड्यूक बॉल पर सवाल उठाए: ICC से शिकायत में कहा- 10 ओवर पुरानी गेंद बदलकर 35 ओवर पुरानी बॉल थमा दी
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लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को 22 रन से हार मिली थी। तीसरे टेस्ट में गेंद की कंडीशन बार-बार खराब होने के कारण दोनों टीम नाखुश थीं। (PTI)
टीम इंडिया ने लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान सीरीज में इस्तेमाल की जा रही ड्यूक्स बॉल पर सवाल उठाए थे। तीसरे टेस्ट में दोनों टीमों ने बॉल के शेप को लेकर कई बार ऐतराज जताया था। खासकर टेस्ट के तीसरे दिन पहले ही सेशन में भारतीय खिलाड़ियों ने बॉल की हालत पर सवाल उठाए। हालांकि, दो बार बॉल बदलने के बावजूद भी नई गेंद की कंडीशन से टीम खुश नहीं थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम इंडिया ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से इसकी शिकायत की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम इंडिया ने इंटरनेशनल क्रिकेट बॉडी से कहा है कि जो दूसरी गेंद उन्हें दी गई, उसका शेप 10 ओवर में ही बदल गया था। असल में वह गेंद 30-35 ओवर पुरानी थी। इंडियन टीम का मानना है कि इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ और मैच में हार का एक कारण भी यही रहा।
30-35 ओवर पुरानी बॉल से टीम इंडिया नाराज
प्रोटोकॉल के हिसाब से बॉल के बदलने पर जो नई गेंद दी जाती है, वह उतनी ही पुरानी होनी चाहिए, जितने ओवर पुरानी पिछली गेंद थी। लेकिन अंपायरों ने टीम को बताया कि उनके पास 10 ओवर पुरानी कोई गेंद मौजूद नहीं है।
ऐसे में भारतीय टीम को मैच के बेहद अहम समय में 30-35 ओवर पुरानी गेंद दी गई। इससे गेंदबाजों के लिए स्विंग और सीम मिलना बहुत मुश्किल हो गया था। इससे इंग्लैंड को मैच में वापसी का मौका मिल गया।
BCCI की दलील
BCCI के मुताबिक- जब आप बॉल बदलने की मांग करते हैं, तब आपको यह नहीं बताया जाता कि आपको कितनी पुरानी बॉल मिलने वाली है। हमें भी नहीं बताया गया था कि हमें 30-35 ओवर पुरानी गेंद मिलेगी। अगर हम जानते तो 10 ओवर पुरानी बॉल से ही खेलते रहते। अब ICC को इस मामले में दखल देकर रूल्स सही करने चाहिए।
इसके अलावा भारतीय टीम ने यह भी आरोप लगाया कि गेंद को चुनने में इंग्लैंड को मौका दिया जा रहा है। टीम ने माना कि यही वजह रही कि उनके गेंदबाजों की स्पीड कम हो गई और इंग्लिश बैटर आसानी से रन बनाने लगे। इसका असर रिजल्ट पर पड़ा।

