एशिया कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान: गिल को उपकप्तानी, बुमराह-संजू भी टीम में; शमी और श्रेयस बाहर
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एशिया कप 9 से 28 सितंबर तक होगा। टीम इंडिया अपना पहला मैच 10 सितंबर को UAE के खिलाफ खेलेगी। (फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क. एशिया कप 2025 के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर की अगुआई वाले सिलेक्शन पैनल ने 15 प्लेयर का स्क्वॉड फाइनल कर दिया है। सूर्यकुमार यादव ही कप्तानी संभालेंगे। शुभमन गिल को उपकप्तान बनाया गया है।
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और विकेटकीपर बैटर संजू सैमसन को भी टीम में जगह मिली है। जबकि मिडिल ऑर्डर बैटर श्रेयस अय्यर और पेसर मोहम्मद शमी बाहर हैं। संजू के अलावा दूसरे विकेटकीपर जितेश शर्मा हैं।
यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और साई सुदर्शन को भी स्क्वॉड में जगह नहीं मिली है। बतौर तेज गेंदबाज बुमराह के अलावा अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा भी टीम में हैं। पंड्या और शिवम दुबे भी पेस बॉलिंग ऑलराउंडर हैं।
एशिया कप के लिए टीम इंडिया
सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा और रिंकू सिंह।
किस मामले पर क्या बोले चीफ सिलेक्टर अगरकर
श्रेयस अय्यर को न लेने पर
अजीत अगरकर ने कहा- "इस बार भी अगर अय्यर को टीम में जगह नहीं मिली तो उनका कसूर नहीं है। आप ही बताइए अय्यर को हम किसकी जगह खिलाएं। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना चाहिए।"
जायसवाल के बारे में
"उनका सिलेक्शन न होना वास्तव में बदकिस्मती ही कही जाएगी। अभिषेक शर्मा ने लगातार बेहतरीन खेल दिखाया है। इसके अलावा वो बॉलिंग भी कर लेते हैं। इसलिए जायसवाल की जगह नहीं बन सकी।"
वॉशिंगटन सुंदर की जगह रिंकू को क्यों लिया?
"सुंदर हमेशा हमारी स्कीम का हिस्सा हैं। अभी की बात करें तो हमारे पास दो मिस्ट्री स्पिनर वरुण और कुलदीप हैं। अक्षर भी हैं। दुबई की पिच को देखें तो वो फ्लैट ट्रैक हैं। इसलिए हमने रिंकू सिंह के तौर पर एक एक्स्ट्रा बैटर लिया है। अगर 15 की बजाए 16 की टीम बनानी होती तो सुंदर बिल्कुल शामिल होते।"
क्या गिल को 11 में जगह मिलेगी
"ये फैसला कप्तान और कोच को लेना है। दुबई पहुंचने के बाद तस्वीर ज्यादा साफ हो सकेगी। हमारे पास कई ऑप्शन हैं। गिल शानदार फॉर्म हैं, लेकिन संजू भी टीम में हैं। अभिषेक भी अच्छा कर रहे हैं। इसलिए इंतजार करना होगा। बुमराह को लेकर आप लिखित में कुछ नहीं दे सकते। हर बड़े मैच में वो टीम का हिस्सा होंगे।"
हर्षित राणा को लेकर कप्तान सूर्यकुमार ने कहा- "हर्षित राणा ने लीग क्रिकेट में अच्छी बॉलिंग की है। T20WC भी सामने है। जितेश शर्मा भी अच्छी फॉर्म में हैं। उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में भी परफॉर्म किया है। हमें वर्ल्ड कप को भी ध्यान में रखना है और उसी हिसाब से टीम तैयार करनी है।"
14 सितंबर को पाकिस्तान से मुकाबला
एशिया कप 9 से 28 सितंबर तक होगा। टीम इंडिया अपना पहला मैच 10 सितंबर को UAE के खिलाफ खेलेगी। दूसरा मुकाबला पाकिस्तान से 14 सितंबर को होगा। एशिया कप की मेजबानी भारत के पास थी, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ राजनीतिक तनाव के चलते टूर्नामेंट को UAE में शिफ्ट कर दिया गया।
बायकॉट की मांग भी जारी
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण कुछ लोग दोनों टीमों के मैच का विरोध कर रहे हैं। ज्यादातर का कहना है कि भारत को इस टूर्नामेंट का ही बायकॉट कर देना चाहिए।
बहरहाल, यह पहली बार नहीं होगा कि दोनों टीमें एशिया कप में एक-दूसरे के खिलाफ न खेलें। 1986 और 1990 में टीम इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप के मैच नहीं खेले थे। उस समय भी राजनीतिक हालात और दोनों देशों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे।
इस बार एशिया कप की मेजबानी भारत कर रहा था। हालांकि, मौजूदा हालात के चलते इस टूर्नामेंट को UAE शिफ्ट कर दिया गया। पाकिस्तान चाहता था कि टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल में खेला जाए।
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद इंग्लैंड में हुए वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) में भी शिखर धवन, युवराज सिंह और इरफान पठान जैसे खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया था। बुधवार (13 अगस्त) को हरभजन सिंह ने कहा था— खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। जब सीमा पर गोलियां चल रही हों, दोनों देशों के बीच तनाव हो, तो हम जाकर क्रिकेट नहीं खेल सकते और उसे बायकॉट करने की भी मांग की।

1986 में भारत ने छोड़ा था एशिया कप
1983 में श्रीलंका में सरकार और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के बीच सिविल वॉर चल रहा था। हालत तब बिगड़े जब अनुराधापुरा बमबारी में करीब 146 लोग मारे गए थे। इस माहौल और खिलाड़ियों की सेफ्टी देखते हुए भारत ने श्रीलंका में होने वाले एशिया कप में हिस्सा लेने से मना कर दिया। 1986 में एशिया कप में केवल तीन टीम (श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश) ने हिस्सा लिया था। यह बांग्लादेश का पहला ODI इंटरनेशनल डेब्यू था। राउंड-रॉबिन मैचों के बाद श्रीलंका और पाकिस्तान फाइनल में पहुंचे। मेजबान श्रीलंका ने 5 विकेट से खिताब अपने नाम किया।
पाकिस्तान ने 1990-91 में छोड़ा था एशिया कप
1990-91 के एशिया कप में पाकिस्तान ने भारत के साथ बिगड़े रिश्तों के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से मना कर दिया। 1980 के आखिर में कश्मीर मुद्दे और सीमा पर बढ़ते तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को खराब कर दिया था। भारत-पाकिस्तान मैच न होने से टूर्नामेंट में दर्शकों की संख्या में काफी गिरावट आई और खेल का लेवल भी कुछ हद तक कम हो गया। 1990-91 में एशिया कप का फाइनल भारत और श्रीलंका के बीच हुआ था। मेजबान भारत ने श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया।

