ODIs में टीम इंडिया और टॉस मिस्ट्री: 3 कप्तान रहे, लगातार 20 बार सिक्का हारे, चैम्पियंस ट्रॉफी जीती; अब 720 दिन बाद टॉस जीते
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वाइजैग वनडे में टॉस जीतने के बाद भारतीय कप्तान केएल राहुल खुश नजर आए। (@BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय क्रिकेट टीम के साथ दो साल तक वनडे फॉर्मेट में टॉस की एक मिस्ट्री देखने को मिली। इस दौरान टीम में 3 कप्तान बदले, लेकिन टॉस हारने का सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था। भारतीय टीम ने वनडे फॉर्मेट में लगातार 20 टॉस हारे। हालांकि मैच और टूर्नामेंट जीतने के मामले में टीम का रिकॉर्ड शानदार रहा।
भारतीय टीम ने लगातार 20 वनडे में टॉस जरूर हारे, लेकिन इस दौरान 12 मैच जीत भी लिए। 7 में हार मिली और एक मैच टाई रहा था। शानदार बात यह भी रही कि टीम ने इसी दौरान ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 भी अपने नाम कर ली।
टॉस हारने का यह सिलसिला 720 दिन बाद जाकर टूटा। भारतीय टीम ने केएल राहुल की कप्तानी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम वनडे में टॉस जीता। यह मैच 6 दिसंबर को खेला गया, जिसे टीम इंडिया ने 9 विकेट से जीत लिया। आइए जानते हैं इस टॉस की अजब कहानी…
रोहित-राहुल और गिल ने कप्तानी की
दरअसल, भारतीय टीम का वनडे में यह टॉस हारने का सिलसिला वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल से शुरू हुआ था। इससे पहले 15 नवंबर 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने टॉस जीता था। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया टॉस और मैच दोनों नहीं जीत सकी थी।
फिर भारतीय वनडे टीम के साथ लगातार टॉस हारने का सिलसिला शुरू हुआ, जो 20 वनडे तक चला। इस दौरान रोहित शर्मा ने 12, केएल राहुल ने 5 और शुभमन गिल ने 3 वनडे मैचों में कप्तानी संभाली, लेकिन किसी की भी किस्मत टॉस के समय अच्छी नहीं रही।
टॉस हारकर चैम्पियंस ट्रॉफी जीती
इसी साल 19 फरवरी से 9 मार्च तक ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 खेली गई। UAE में हुए इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने फाइनल समेत 5 वनडे खेले और सभी जीते। खास बात यह रही कि इस दौरान टीम इंडिया ने एक भी टॉस नहीं जीता था।
इसके बाद रोहित की जगह शुभमन गिल को भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई। गिल की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अक्टूबर में 3 वनडे की सीरीज खेली, लेकिन यहां भी टॉस नहीं जीत सके।
वाइजैग में टॉस हार का सिलसिला टूटा
अब दिसंबर में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 वनडे की घरेलू सीरीज खेली। इसमें गिल के चोटिल होने पर केएल राहुल को कप्तानी सौंपी गई।
सीरीज के शुरुआती दो मैचों में राहुल भी टॉस नहीं जीत सके थे, लेकिन तीसरे वनडे में टॉस हारने का सिलसिला टूट गया। 6 दिसंबर को वाइजैग वनडे में राहुल ने टॉस जीता और फील्डिंग का फैसला किया। टॉस जीतने पर कप्तान और मैनेजमेंट समेत पूरी टीम खुश नजर आई। भारतीय टीम ने यह वाइजैग वनडे भी 9 विकेट से जीतकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमा लिया।
लगातार सबसे ज्यादा वनडे में टॉस हारने का रिकॉर्ड अब टीम इंडिया के नाम दर्ज है। उसके बाद दूसरा नंबर नीदरलैंड्स टीम का है, जिसने लगातार 11 वनडे में टॉस हारे थे। भारतीय टीम का रिकॉर्ड टूटना बेहद मुश्किल सा है।

