100 रुपए में जमशेदपुर फुटबॉल क्लब की ओनरशिप ट्रांसफर: टाटा स्टील की चर्चिल ब्रदर्स से डील, AIFF की मंजूरी बाकी
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JFC के बारह खिलाड़ी और दो कोच चर्चिल ब्रदर्स क्लब में शामिल होंगे। (फोटो: X/ जमशेदपुर FC)
स्पोर्ट्स डेस्क. टाटा स्टील (Tata Steel) ने जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (Jamshedpur FC) की अपनी पूरी हिस्सेदारी गोवा के मशहूर क्लब चर्चिल ब्रदर्स (Churchill Brothers) को सिर्फ 100 रुपये में ट्रांसफर करने का फैसला किया है। हालांकि, यह डील अभी ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के अप्रूवल के बाद ही पूरी होगी।
टाटा स्टील के डायरेक्टर्स की कमेटी ने 14 अगस्त को JFSPL के करीब 4.08 करोड़ इक्विटी शेयर ट्रांसफर करने की मंजूरी दी। इसी दिन शेयर परचेज एग्रीमेंट भी साइन हुआ। डील अगले 15 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है।
इस डील में जमशेदपुर FC का ISL स्पोर्टिंग लाइसेंस, 12 प्लेयर्स और 2 कोच के कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं। अगर AIFF से अप्रूवल मिल जाता है, तो चर्चिल ब्रदर्स जमशेदपुर FC की जगह ISL में खेल सकता है।

टाटा स्टील ने क्यों छोड़ा क्लब?
टाटा स्टील ने इसी महीने जमशेदपुर FC को ISL से हटाने का फैसला किया था। कंपनी अब प्रोफेशनल क्लब फुटबॉल के बजाय ग्रासरूट और यूथ डेवलपमेंट पर फोकस करना चाहती है। कंपनी अपने लंबे समय से चल रहे टाटा फुटबॉल अकादमी और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम जारी रखेगी।
AIFF ने टाटा स्टील से अपना फैसला बदलने की अपील भी की थी, लेकिन कंपनी अपने फैसले पर कायम रही।

चर्चिल ब्रदर्स की ISL में वापसी?
चर्चिल ब्रदर्स के लिए यह डील ISL में वापसी का रास्ता खोल सकती है। गोवा के इस क्लब ने 2024-25 I-League में टॉप किया था और चैंपियन बना था। हालांकि बाद में इंटर काशी क्लब ने पॉइंट्स और एलिजिबिलिटी से जुड़े फैसलों को चुनौती दी। मामला कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) तक पहुंचा। CAS ने इंटर काशी के पक्ष में फैसला दिया और उसे I-League चैंपियन माना गया था।
इसके बाद चर्चिल ब्रदर्स ने ISL में एंट्री की कोशिश की, लेकिन उसे AIFF और मौजूदा क्लबों से विरोध का सामना करना पड़ा। क्लब को 2025-26 I-League से बाहर रहने के बाद I-League 2 में भी डिमोट कर दिया गया था।

