इजराइल क्रिकेट की 2032 ओलंपिक की तैयारी: भारतीय बोर्ड से कहा- नेपाल और अफगानिस्तान की तरह हमारी भी मदद करो
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स्पोर्ट्स डेस्क. इजराइल क्रिकेट 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक को ध्यान में रखकर अपनी टीम और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में जुटा है। इसके लिए इजराइल क्रिकेट एसोसिएशन (ICA) ने BCCI से मदद की उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि नेपाल-अफगानिस्तान की तरह भारत के सपोर्ट से इजराइल में भी क्रिकेट का इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप हो सकता है।
इजराइल में क्रिकेट की शुरुआत ब्रिटिश राज से नहीं हुई। यह खेल भारत, श्रीलंका, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से आए लोगों के साथ वहां पहुंचा। खासकर भारतीय समुदाय ने क्रिकेट को जिंदा रखने में अहम भूमिका निभाई।

ग्राउंड की सबसे बड़ी परेशानी
इजराइल में क्रिकेट के लिए अच्छे ग्राउंड नहीं हैं। प्लेयर्स को मैच खेलने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई जगह कोच, ग्राउंड्समैन और एडमिन का काम भी एक ही व्यक्ति संभालता है। फिलहाल देश में करीब 12 क्रिकेट क्लब और 18 टीमें हैं।

BCCI से उम्मीद
ICA वुमन्स क्रिकेट को भी बढ़ावा दे रहा है। अभी ज्यादातर वुमन्स प्लेयर श्रीलंका की वर्कर्स हैं। एसोसिएशन ज्यादा से ज्यादा लोकल प्लेयर्स को जोड़ने की कोशिश कर रहा है। ICA के बिजनेस एंड स्ट्रैटेजिक मैनेजर युवाल विनर ने कहा कि BCCI दुनिया की सबसे स्ट्रांग क्रिकेट बॉडी है। जिस तरह उसने नेपाल और अफगानिस्तान जैसे देशों की मदद की, उसी तरह इजराइल को भी सपोर्ट मिल जाए तो क्रिकेट आगे बढ़ सकता है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर निलेश भी जुड़े
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मुंबई के पूर्व कप्तान निलेश कुलकर्णी भी इजराइल क्रिकेट के एडवाइजरी बोर्ड का हिस्सा हैं। वह वहां क्रिकेट को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
2032 ओलंपिक पर नजर
2028 लास एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट वापसी करेगा। इजराइल का टारगेट 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना है। इसी टारगेट को ध्यान में रखकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।

