गावस्कर ने बैटिंग के लिए PM से मुलाकात ठुकरा दी : पूर्व क्रिकेटर घावरी बोले- लिटिल मास्टर किसी का खून भी कर देते तो बच जाते
Published:
2 min read

सुनील गावस्कर ने भारत के लिए 233 इंटरनेशनल मैच खेले है।जिसमे 13,214 रन बनाए है। और करसन घावरी 58 इंटरनेशनल मैच खेले है।(फोटो :फाइल)
स्पोर्ट्स डेस्क. लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने 1971 से 1987 तक क्रिकेट खेला और अपनी बैटिंग से सबका दिल जीत लिया। उनकी क्रिकेट इतनी अच्छी थी कि उनके सामने कोई कुछ कहने की हिम्मत नहीं करता था।
पूर्व क्रिकेटर और गावस्कर के साथी रहे करसन घावरी ने हाल ही में बताया कि गावस्कर कितने खास खिलाड़ी थे। उन्होंने दो दिलचस्प किस्से भी बताए। घावरी के मुताबिक- गावस्कर तो वो शख्सियत थे कि अगर वो किसी का खून भी कर देते तो बच के निकल जाते।
174 बॉल पर 34 रन
घावरी ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा- 1975 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच था। इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 334 रन का टारगेट दिया। तब वनडे 60 ओवर्स का होता था। ओपनिंग बैटर के रूप में गावस्कर ने 174 बाॅल पर सिर्फ 34 रन बनाए। इंडिया यह मुकाबला 202 रन से हार गई।
घावरी ने आगे कहा- ड्रेसिंग रूम में सभी नाराज थे। इसके बाद मैदान में मैसेज भेजा गया कि तो तेजी से रन बनाएं या फिर आउट हो जाएं। गावस्कर तो किसी की बात सुनते ही नहीं थे।घावरी ने इसके बाद कहा- मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया तो गावस्कर ने जवाब दिया- इन बॉलर्स को टेस्ट में भी खेलना है। मैं उसके लिए तैयारी कर रहा था।जवाब सुनकर सब चौंक गए लेकिन सुनील का रुतबा ऐसा था कि कोई कुछ कह नहीं सका।
प्रधानमंत्री से नहीं मिले गावस्कर
घावरी एक और किस्सा सुनाते हैं। उनके मुताबिक- फिरोजशाह कोटला में मैच चल रहा था। टेस्ट मैच के दौरान उस वक्त के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई मैदान पर प्लेयर से मिलने आए थे। सभी तैयार होकर देसाई से मिलने जा रहे थे। लेकिन गावस्कर पैड पहनकर बैठ गए और बोले- मैं नहीं आ रहा। मुझे बैटिंग पर ध्यान देना है।
उस वक्त राजसिंह डूंगरपुर बोर्ड प्रेसिडेंट थे। उन्होंने सुनील से कहा कि 2 या 3 मिनट की तो बात है। इसके बावजूद गावस्कर ने साफ मना कर दिया।

