पिता के नक्श-ए-कदम से दूर: पापा स्टार क्रिकेटर रहे, बेटे फ्लॉप; सिर्फ दो प्लेयर ही पिता से बेहतर परफॉर्म कर सके
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स्पोर्ट्स डेस्क. अक्सर कहा जाता है कि टैलेंट खून में होता है, लेकिन हर बार यह बात सही साबित नहीं होती, खासकर खेल में। कई बार ऐसा देखने को मिला है कि क्रिकेटर पिता ने मैदान पर बड़ा नाम कमाया, लेकिन बेटा उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया। वहीं कुछ ही ऐसे खिलाड़ी रहे जिन्होंने अपने पिता से भी बेहतर प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई।
नाकाम होने वालों की लिस्ट में रोहन गावस्कर, अर्जुन तेंदुलकर जैसे नाम शामिल हैं, जो अपने पिता की तरह नहीं बन पाए। हालांकि अर्जुन अभी 26 साल के हैं और क्रिकेट में एक्टिव हैं। उनके पास मौका है। वहीं युवराज सिंह और मोहिंदर अमरनाथ जैसे गिने-चुने नाम हैं, जिन्होंने अपने पिता से भी बेहतर क्रिकेट खेलकर दिखाया है। आज इनके नाम क्रिकेट इतिहास में दर्ज हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ मशहूर क्रिकेटर्स पिता और बेटे के बारे में...
सुनील और रोहन गावस्कर
सुनील गावस्कर भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज रहे हैं, जिन्होंने बिना हेलमेट के भी दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों का सामना किया। उनके बेटे रोहन गावस्कर भी क्रिकेट खेले। रोहन ने भारत के लिए 11 वनडे मैच खेले और 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक फिफ्टी लगाई। हालांकि वो अपने पिता जितनी ऊंचाई नहीं छू पाए।

सचिन और अर्जुन तेंदुलकर
अर्जुन तेंदुलकर के लिए सबसे बड़ी चुनौती हमेशा यही रही कि वो सचिन तेंदुलकर के बेटे हैं। अर्जुन ने मुंबई से गोवा तक क्रिकेट खेलकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है। वो अभी अपने कॅरियर को आगे बढ़ा रहे हैं और घरेलू क्रिकेट में मेहनत कर रहे हैं। उन पर हमेशा क्रिकेट फैन्स की नजर रहती है, क्योंकि उनके पिता क्रिकेट के भगवान माने जाते हैं।

योगराज सिंह और युवराज सिंह
योगराज सिंह खुद भी क्रिकेटर रहे, लेकिन उनकी असली पहचान बेटे युवराज सिंह से बनी। योगराज बहुत सख्त कोच और पिता माने जाते हैं, जिन्होंने युवराज को बहुत मेहनत करवाकर तैयार किया। युवराज ने 2007 टी20 और 2011 ODI वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। वे टीम इंडिया के बड़े मैच विनर बने। युवी के नाम T20I मैच के एक ओवर में 6 सिक्स लगाने और 12 बॉल पर फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है।

लाला अमरनाथ और मोहिंदर अमरनाथ
लाला अमरनाथ टेस्ट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बैटर हैं। उनके बेटे मोहिंदर अमरनाथ (जिमी) 1983 वर्ल्ड कप के हीरो रहे। मोहिंदर एक ऑलराउंडर थे और अपनी हिम्मत और जुझारूपन के लिए जाने जाते थे। 1983 वर्ल्ड कप के फाइनल में चोट लगने के बाद भी मोहिंदर खेलते रहे और टीम को जीत दिलाई थी।

राहुल द्रविड़ और समित द्रविड़
53 साल के राहुल द्रविड़ अपने कॅरियर में द वॉल के नाम से मशहूर रहे। उनके 20 साल के बेटे समित अभी क्रिकेट में आगे बढ़ रहे हैं। समित ने 2024 में कर्नाटक की महाराजा T20 ट्रॉफी खेली थी। वे मैसूर वॉरियर्स टीम से खेले थे।
मैसूर वॉरियर्स फ्रेंचाइजी ने राइट हैंड बैटर समित को 50,000 रुपये में खरीदा था। वे मीडियम पेसर भी हैं। समित कर्नाटक अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके, जिसने 2023-24 बिहार ने ट्रॉफी जीती थी। समित का अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं हुआ।


